रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बनी हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली इंडिया गठबंधन की सरकार का मंत्रीमंंडल का विस्तार गुरुवार को होगा। कैबिनेट में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के विधायक शामिल होंगे, जबकि भाकपा-माले ने सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। राजभवन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से रांची राजभवन के अशोक उद्यान में मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा। इसी समारोह में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर बनाए गए स्टीफन मरांडी को भी शपथ दिलाई जाएगी।

जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी है, उनके नामों का खुलासा अब तक नहीं किया गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा से छह, कांग्रेस से चार और राष्ट्रीय जनता दल से एक विधायक को मंत्री बनाए जाने के फॉर्मूले पर गठबंधन में पूर्व से सहमति बन चुकी है।

सूत्रों ने बताया कि हेमंत सोरेन की पूर्व की सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री रहे डॉ. रामेश्वर उरांव को इस बार विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी दी जाएगी और उनकी जगह कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और खिजरी के विधायक राजेश कच्छप में से किसी एक को मंत्रिमंडल में बर्थ हासिल होगा।

कांग्रेस की 5 महिला विधायकों में एक का बर्थ तय : कांग्रेस से कुल पांच महिला विधायकों निशाम आलम, श्वेता सिंह, दीपिका पांडेय सिंह, ममता देवी और शिल्पी नेहा तिर्की ने जीत दर्ज की है। इनमें से एक का बर्थ तय माना जा रहा है। इस रेस में महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि ओबीसी कोटे से ममता देवी और आदिवासी-ईसाई कोटे से शिल्पी नेहा तिर्की के नाम की भी चर्चा है।

कांग्रेस में अल्पसंख्यक कोटे से इरफान-निशात के बीच टक्कर : इनके अलावा कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों में जामताड़ा के इरफान अंसारी और निशात आलम में से किसी को मंत्री बनने का मौका मिलना तय है। निशात आलम के पति आलमगीर आलम हेमंत सोरेन और चंपाई सरकार में मंत्री रहे। जबकि आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद इरफान अंसारी को मंत्री बनने का मौका मिला। ऐसे में दोनों में से किसी एक का मंत्री बनना तय है। दोनों ही संताल परगना प्रमंडल क्षेत्र से आते हैं।

प्रदीप-अनूप और राधाकृष्ण भी प्रमुख दावेदार : कांग्रेस की ओर से पोड़ैयाहाट के प्रदीप यादव, बेरमो के जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित छतरपुर सीट से जीत दर्ज करने वाले राधाकृष्ण किशोर में से कोई दो नाम मंत्रिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं। इसके अलावा कांके से पहली बार चुनाव जीतने वाले सुरेश बैठा को अनुसूचित जाति कोटे से और मनिका से लगातार दूसरी बार विजयी रहे रामचंद्र सिंह को अनुसूचित जनजाति कोटे से मंत्री बनाया जा सकता है।

जेएमएम में हेमंत सोरेन करेंगे तय : सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सबसे बड़े दल झारखंड मुक्ति मोर्चा में सबकुछ सीएम और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की इच्छा पर निर्भर है। जेएमएम की ओर से चाईबासा के दीपक बिरुआ, घाटशिला के रामदास सोरेन, मधुपुर के हफीजुल हसन, भवनाथपुर के अनंत प्रताप देव, जामा की डॉ. लुईस मरांडी और टुंडी के विधायक मथुरा महतो को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वैसे ईचागढ़ की विधायक सविता महतो और राजमहल के विधायक एमटी राजा के नाम की भी चर्चा चल रही है।

रबिंद्रनाथ महतो फिर बनेंगे स्पीकर : प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी को अगर स्पीकर के तौर पर चुने जाने पर सहमति बनी तो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि अधिक संभावना यह जताई जा रही है कि रबिंद्रनाथ महतो लगातार दूसरे कार्यकाल में भी स्पीकर जैसे संवैधानिक दायित्वों को संभालेंगे।

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