
रांची। ईडी ने मल्टी लेबल मार्केटिंग घोटाले में चंद्रभूषण सिंह और उसकी पत्नी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया था। झारखंड, बिहार,कर्नाटक, असम समेत कई राज्यों से इन दोनों ने 307 करोड़ आम लोगों से वसूले। इन पैसों को 21 बैंक खातों में जमा कराया। तीन साल तक पति पत्नी फरार रहे। इस दौरान चंद्रभूषण ने दीपक सिंह समेत अन्य फर्जी नामों से सारे पैसों का निवेश रियल एस्टेट में किया। चंद्रभूषण सिंह से ईडी पूछताछ की। ईडी के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज में बताया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रांची जोनल कार्यालय ने चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियांका, निदेशक, एम/एस मैक्सिजोन टच प्रा. लि. को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। आरोपियों को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया।
पीएमएलए के तहत जांच से खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एक धोखाधड़ीपूर्ण मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) योजना चलाई, जिसमें आम जनता को हर महीने उंचे रिटर्न और आकर्षक संदर्भ लाभों का लालच दिया गया। इस तरीके से उन्होंने 21 से अधिक बैंक खातों में लगभग 307 करोड़ रुपये की अवैध जमा राशि एकत्रित की, जिससे अपराध से अर्जित धन (पीओसी) उत्पन्न हुआ.आगे यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी निदेशक चंदर भूषण सिंह और प्रियांका सिंह ऊपरोल्लिखित सार्वजनिक धन के साथ फरार हो गए। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जानबूझकर बचते रहे हैं।
ईडी के अनुसार जांच से संकेत मिला है कि आरोपियों ने विभिन्न रियल एस्टेट संपत्तियां बेनामी लेनदेन के माध्यम से हासिल कर और उन्हें नकद में बदलकर अवैध धन को सफेद किया। अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने नकली पहचान दस्तावेजों का उपयोग किया, जिसमें दीपक सिंह जैसे छद्म नाम का प्रयोग तथा बार-बार अपना ठिकाना बदलना शामिल है।
