
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप सहित 20 के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। ईडी ने दिनेश गोप की दो पत्नियों और मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करने वाली कंपनियों को भी आरोपित किया है। ईडी की ओर से गोप के खिलाफ दायर किया जाने वाला यह दूसरा आरोप पत्र है। इसमें पीएलएफआई पर लेवी के रूप में 20 करोड़ रुपये वसूले जाने आरोप लगाया गया। साथ ही, लेवी की इस रकम में से 3.36 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक ईडी ने पीएलएमए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में शनिवार को दूसरा आरोप पत्र दायर किया है। ईडी ने जांच में पाया है कि दिनेश गोप ने कोयला व्यापारियों, ठेकेदारों से सुनियोजित तरीके से लेवी की वसूली की। लेवी के रूप में वसूली गयी रकम की लॉन्ड्रिंग में उसने मास्टर माइंड की भूमिका निभाई। दिनेश ने लेवी की रकम की लॉउंड्रिग के लिए अपनी दोनों पत्नियों के नाम पर बनी शेल कंपनियों का भी इस्तेमाल किया। उसने अपनी पत्नी शकुंतला कुमारी और हीरा देवी के नाम पर शेल कंपनियां बनायी थी। इन कंपनियों के सहारे कागजी व्यापार दिखा कर लेवी की रकम को बैंकिंग चैनलों में डाला।
लेवी की रकम की लॉउंड्रिंग के लिए हवाला कारोबारियों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा स्थानीय मनी आॅपरेटर का भी इस्तेमाल किया। लेवी की रकम को बैंकिंग चैनलों में डालने के बाद उससे महंगी गाड़िया खरीदीं। अपने परिवारिक खर्चो पर इस्तेमाल किया। पारिवरिक सदस्यों के नाम पर बैंक में फिक्स डिपोजिट किया। ईडी की ओर से इससे पहले निवेश कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। इसमें चार करोड़ रुपये की लॉउंड्रिंग का पता लगाया गया था। निवेश ने चार करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग की थी। इसमें से दो करोड़ रुपये दिनेश गोप से संबंधित थे।
