
नेपीडॉ/बैंकॉक । म्यांमार में शुक्रवार दोपहर को आए शक्तिशाली भूकंप ने जमकर तबाही मचाई है। म्यांमार के सैन्य शासन ने बताया है कि देश में कम से कम 144 लोगों की हुई है। यहां के दो सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों मांडले और राजधानी नेपीडॉ से आ रही तस्वीरों और वीडियो में भारी नुकसान दिख रहा है। पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप का भारी असर हुआ है। यहां एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत के ढह जाने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर आए भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई और इसका केन्द्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट था। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि विश्व निकाय म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है। भूकंप से मौतों, हताहतों और विनाश को लेकर पूरी तस्वीर अबतक स्पष्ट नहीं है, खास तौर पर म्यांमार में, जो दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है। यह गृहयुद्ध में उलझा हुआ है और यहां सूचना पर कड़ा नियंत्रण है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख ने शुक्रवार शाम को टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा कि भूकंप संबंधी घटनाओं में कम से कम 144 लोग मारे गए और 730 अन्य घायल हुए।
वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने कहा, ‘मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है।’ राजधानी नेपीडॉ से प्राप्त तस्वीरों में दिखाई दे रहा है कि भूकंप के कारण सरकारी कर्मचारियों के आवास वाली कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, तथा बचाव दल मलबे से पीड़ितों को निकाल रहे हैं।
म्यांमार में अधिकारियों ने लगाई खून के लिए गुहार
म्यांमार की सरकार ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में खून की बहुत अधिक जरूरत है। मांडले में टूटी-फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त राजमार्गों के साथ-साथ पुल और बांध के ढहने की तस्वीरें इस बात को लेकर और भी चिंता पैदा करती हैं कि बचाव दल पहले से ही व्यापक मानवीय संकट से जूझ रहे देश के कुछ इलाकों तक कैसे पहुंच पाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति के म्यांमार निदेशक मोहम्मद रियास ने कहा, ‘ भूकंप से हुई तबाही को जानने में हमें कई सप्ताह लग सकते हैं।’
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि बैंकाक के चतुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत, जिसके ऊपर एक क्रेन रखी हुई थी, धूल के गुबार में तब्दील हो गई। भूकंप के तुरंत बाद अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। चेतावनी सायरन की आवाज पूरे मध्य बैंकॉक में गूंज उठी और सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिससे शहर की पहले से ही भीड़भाड़ वाली कुछ सड़कों पर जाम जैसी स्थिति हो गईं। ‘एलिवेटेड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ और सबवे को बंद कर दिया गया।
बैंकॉक में इस तीव्रता का भूकंप दुर्लभ
जिस क्षेत्र में झटका महसूस किया गया वह भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है, लेकिन भूकंप आमतौर पर इतने बड़े स्तर पर नहीं आते हैं और थाईलैंड की राजधानी में उन्हें महसूस किया जाना दुर्लभ है। बैंकाक नदी के डेल्टा पर स्थित है और जहां भूकंप का मध्यम जोखिम है। बैंकाक के सिटी सेंटर में एक कार्यालय में काम करने वाली अप्रैल कनिचवानाकुल ने बताया कि उन्हें पहले तो यह एहसास ही नहीं हुआ कि यह भूकंप है क्योंकि पहली बार उन्होंने भूकंप का सामना किया है। उन्होंने बताया, ‘मुझे लगा कि मुझे चक्कर आ रहा है।’
थाईलैंड में 101 लोग लापता
थाईलैंड में बैंकाक शहर के अधिकारियों ने बताया कि बहुमंजिला इमारत सहित तीन निर्माण स्थलों पर 10 लोगों की मौत हुई है, 16 अन्य घायल हुए तथा 101 लोग लापता हैं। बचावकर्मी सोंगवुत वांगपोन ने संवाददाताओं को बताया कि मृतकों में कम से कम दो निर्माण मजदूर थे, जो मलबे या मलबे के गिरने से मारे गए। इमारत का निर्माण थाईलैंड के सरकारी महालेखा परीक्षक के लिए चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा किया जा रहा था। बैंकाक में अन्य स्थानों पर लोगों को इमारतों से बाहर निकालने को कहा गया और आगाह किया गया कि और अधिक झटके आने की आशंका के मद्देनजर वे घरों से बाहर ही रहें।
म्यांमार में टूटा बांध
म्यांमार में भूकंप की वजह से पुल और मठ ढह गए और बांध टूट गया। खबरों के अनुसार मांडले में, भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, जिनमें शहर के सबसे बड़े मठों में से एक मा सोए याने मठ भी शामिल है। पूर्व शाही महल को भी क्षति पहुंची है। इस बीच, सहायता समूह ‘क्रिश्चियन एड’ ने कहा कि उसके साझेदारों और सहकर्मियों ने खबर दी है कि शहर में एक बांध टूट गया है, जिसके कारण निचले इलाकों में जल स्तर बढ़ गया है।
भारतीय कंपनी के शीर्ष अधिकारी भी भूकंप में फंसे
आदित्य बिरला केमिकल्स थाईलैंड के प्रमुख अजय महाजन भी विनाशकारी भूकंप के गवाह बने। उन्होंने बताया कि ‘शुरू में मैंने सोचा कि ये झटके कार के टायर में हवा के कम दबाव के कारण हो सकते हैं। कुछ ही क्षणों बाद मुझे एहसास हुआ कि जिस पुल पर यात्रा कर रहा था , वह पूरा पुल हिल रहा था।’ महाजन शुक्रवार को बैंकाक में दोपहर की बैठक से बाहर निकले ही थे कि तभी पड़ोसी म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आ गया, जिसका असर पूरे थाईलैंड में देखने को मिला।
