
पटना। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। अभी वर्तमान में कहीं भाषा तो कहीं क्षेत्रवाद की लड़ाई चल रही है, कहीं जातिवाद की लड़ाई चल रही है। लेकिन, हिंदुओं को बंटने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि जातिवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद के लिए जीना चाहिए। कुछ ताकतें गजवा-ए-हिंद बनाना चाहती हैं, लेकिन हमारा एक ही सपना है कि भगवा-ए-हिन्द होना चाहिए। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को सनातन महाकुंभ में आए लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कि भारत अगर हिंदू राष्ट्र होगा तो बिहार से इसकी शुरूआत होगी और वह पहला राज्य बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं। वो बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की यात्रा करेंगे। अगर हमारे धर्म पर घात हुआ तो हम प्रतिघात करेंगे, भगवा गजवा-ए-हिंद की शुरूआत बिहार से होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तिरंगा पर चांद चाहते हैं लेकिन हम तिरंगा को चांद पर लहराता देखना चाहते हैं।



उन्होंने कहा कि सनातन मतलब शाश्वत, सनातन मतलब यही सत्य है। सनातन मतलब हिंसा नहीं, अहिंसा, सनातन का मतलब है पूरे विश्व का विश्वगुरु, हर हर महादेव। बिहार के पागलों, एक बात गांठ बांध लो, हम सब हिंदू एक हैं।
उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। न हमें मुसलमानों से दिक्कत है, न हमें ईसाइयों से दिक्कत है। हमें उन हिंदुओं से दिक्कत है, जो जातिवाद के नाम पर हिंदुओं को लड़ाते हैं। हम सब हिंदू एक हैं, एक समान हैं। उन्होंने साफ कहा कि हम पटना राजनीति के चक्कर में नहीं आए हैं बल्कि रामनीति के लिए आए हैं। हम किसी भी पार्टी के नहीं हैं, जिस-जिस पार्टी में हिंदू हैं, उस-उस पार्टी के हम हैं। हम राम के हैं, सनातन के हैं। हम हिंदुओं को जोड़कर रहेंगे।
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने चुनाव के बाद बिहार में पदयात्रा करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हम हिंदुओं को जोड़कर रहेंगे। चुनाव के बाद बिहार में भी पदयात्रा करेंगे। हम यह पदयात्रा चुनाव के बाद इसलिए करेंगे, ताकि हम पर राजनीति करने का आरोप न लगे। अब जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद के लिए जीएंगे।