
महाकुंभ नगर ।महाकुंभ के पांचवे स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर बुधवार को सुबह 10 बजे तक 1.30 करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। बुधवार तड़के से ही महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों समेत श्रद्धालुओं का गंगा और संगम घाट की ओर आगमन जारी है।



मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को सुबह 10 बजे तक 1.30 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम और गंगा में स्नान किया। अब तक 47.45 करोड़ से अधिक लोग यहां स्नान कर चुके हैं। सभी कल्पवासियों से यातायात नियमों का पालन करने और केवल अधिकृत पार्किंग का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह चार बजे से ही लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास में बने ‘वार रूम’ से मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर माघी पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा, ‘‘महाकुंभ में आज पवित्र त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य साधु संतों, धर्माचार्यों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन। भगवान श्री हरि की कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास हो। मां गंगा, यमुना और सरस्वती सभी के मनोरथ पूर्ण करें, यही कामना है।”
महाकुंभ मेले में कल्पवास कर रहे करीब 10 लाख कल्पवासियों का संकल्प माघी पूर्णिमा स्नान के साथ आज पूरा हो जाएगा और वे अपने अपने घरों के लिए प्रस्थान करना शुरू करेंगे। ‘त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति’ के संस्थापक और तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने बताया, ‘‘पिछली पूर्णिमा पर कल्पवास का संकल्प लेने वाले कल्पवासियों का संकल्प आज पूरा हो रहा है।
उन्होंने एक महीने तक सभी यम, नियम और संयम, आदर्श सात्विक जीवन का अक्षरशः पालन करने, भूमि पर शयन करने, तीन बार स्नान करने, स्वयं भोजन बनाकर एक समय भोजन करने, यथोचित दान करने और गुरु की वाणी का श्रवण करने का संकल्प लिया था।” उन्होंने बताया, ‘‘आज वे मां गंगा का पूजन, दीपदान करके उस संकल्प से मुक्त होंगे और दिशाशूल को देखते हुए अपने घरों के लिए प्रस्थान करेंगे। कोई आज प्रस्थान करेगा तो कोई कल या परसों प्रस्थान करेगा। दो-तीन दिनों में सभी कल्पवासी प्रस्थान कर जाएंगे।”
उन्होंने एक महीने तक सभी यम, नियम और संयम, आदर्श सात्विक जीवन का अक्षरशः पालन करने, भूमि पर शयन करने, तीन बार स्नान करने, स्वयं भोजन बनाकर एक समय भोजन करने, यथोचित दान करने और गुरु की वाणी का श्रवण करने का संकल्प लिया था।” उन्होंने बताया, ‘‘आज वे मां गंगा का पूजन, दीपदान करके उस संकल्प से मुक्त होंगे और दिशाशूल को देखते हुए अपने घरों के लिए प्रस्थान करेंगे। कोई आज प्रस्थान करेगा तो कोई कल या परसों प्रस्थान करेगा। दो-तीन दिनों में सभी कल्पवासी प्रस्थान कर जाएंगे।”
गोरखपुर से परिवार सहित कल्पवास करने आए मदन गोपाल शुक्ल ने कहा, ‘‘आज हमारा कल्पवास पूरा हो रहा है। कल्पवास बहुत अच्छा रहा… कोई असुविधा नहीं हुई। पिछले चार साल से हम कल्पवास कर रहे हैं। हर साल मैं अपने भीतर के दुर्गुणों को गंगा में समर्पित करने के लिए कल्पवास करता हूं। पहली बार कल्पवास में मैंने (सुर्ती) तंबाकू का व्यसन छोड़ दिया और अगली बार कुछ और दुर्गुण छोड़ने का संकल्प है।”

