रांची। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार विभागीय सहयोग से राज्य में उद्यमिता के अलावा नई तकनीक और बाजार में आवश्यकता के अनुरूप उद्यम को आगे बढ़ाने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य लखपति दीदी कैसे करोड़पति दीदी की श्रेणी में खड़ा करना है। मंत्री गुरूवार को आईआईएम कोलकाता की टीम के साथ प्रोजेक्ट भवन में हुई मुलाकात के दौरान बोल रहे थे।

आईआईएम की ओर से मंत्री को राज्यभर में उद्यमी महिलाओं को नवाचार के साथ उनके व्यापार, बाजार और आय में बढ़ोत्तरी की बात को लेकर एक प्रेजेंटेशन दिया गया। इस दौरान जेएसएलपीएस से जुड़ी एक लाख 24 हजार महिला उद्यमियों को अधिक से अधिक लाभ देने पर जोर दिया गया। मंत्री ने जेएसएलपीएस की ओर से पहले से इस दिशा में किए जा रहे कार्यों के साथ आईआईएम कोलकाता से जुड़कर महिला उद्यमियों के जीवन में बदलाव लाने की बात कही।

वहीं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने बताया कि जेएसएलपीएस ने पिछले दिनों आईआईएम कोलकाता के साथ राज्य की महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से एमओयू किया गया है। एमओयू के तहत त्रिवर्षीय योजना तैयार कर राज्य के सभी 24 जिलों के 264 प्रखंडों में उद्यमिता से जुड़ी महिलाओं को विशेष तौर से प्रशिक्षित करने की योजना है। इस योजना के तहत राज्य भर के करीब 50 हजार महिलाओं का आंकड़ा तैयार कर योग्य महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

महिला उद्यमियों का प्रशिक्षण हिंदी-इंग्लिश के साथ वीडियो फॉर्मेट में होगा। महिलाएं इस प्रशिक्षण के दौरान सवालों का जवाब आॅडियो मैसेज के जरिए भी आसानी से दे पाएंगी। आईआईएम से आए पदाधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक से बिहार पश्चिम बंगाल और असम राज्य की महिला उद्यमियों ने उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता हासिल की है, अब झारखंड की बारी है।

मौके पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार, आईआईएम कोलकाता के सीईओ डॉ विवेक कुमार राय, गौरव कपूर, जेएसएलपीएस सीओओ विष्णु परिदा, नीतीश सिन्हा सहित अन्य अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे।

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