
रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पार्टी अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।
शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आदित्य साहू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार से कांग्रेस अब तक उबर नहीं पाई है। इसी हताशा में वह भाजपा के खिलाफ आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह हार कांग्रेस की राजनीतिक कमजोरियों को उजागर करती है और आने वाले समय में पार्टी को और भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सत्ता में बने रहने की बात करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के बजाय कांग्रेस सत्ता के लाभ को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए कांग्रेस लगातार समझौते करती रही है, जिसका असर राज्य के विकास और जनहित पर पड़ा है।
लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए साहू ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को कमजोर करने का इतिहास भाजपा का नहीं, बल्कि कांग्रेस का रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने हमेशा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य किया है।
सूटकेस राजनीति के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि धनबल की राजनीति किस दल की पहचान रही है। साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का राजनीतिक इतिहास सत्ता प्राप्ति के लिए धन और प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े विवादों से घिरा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर में कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगे थे, जिनसे जनता परिचित है।
साहू ने कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समर्थित राज्यसभा प्रत्याशी परिमल नाथवानी को बाहरी बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नाथवानी झारखंड से दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और राज्य के विकास से जुड़े कई कार्यों में उनकी भूमिका रही है। ऐसे में उन्हें बाहरी बताना केवल राजनीतिक बयानबाजी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विचारधारा और सिद्धांतों की बात तो करती है, लेकिन उसका मुख्य उद्देश्य सत्ता में बने रहना है। साहू ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति पर उन्होंने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता अपने किसी समर्पित कार्यकर्ता को राज्यसभा भेजने की थी, लेकिन पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के कारण परिस्थितियां अलग थीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहती तो राजनीतिक जोड़-तोड़ का रास्ता अपनाकर अपना उम्मीदवार जिता सकती थी, लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया।

