
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के तहत पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर मां की स्मृति में पारिवारिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न रस्में निभाईं। इस दौरान उन्होंने अपनी मां को दातून, पानी और भोजन अर्पित करने की पारंपरिक रस्म पूरी की।
मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों के साथ स्थानीय सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप इन धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठानों में भाग लिया। श्राद्धकर्म के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण स्मरण किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
नेमरा स्थित पैतृक आवास पर संपन्न हो रहे इन अनुष्ठानों में परिवार की परंपराओं और रीति-रिवाजों का विशेष महत्व रहा। मां की स्मृति में दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान का पालन किया। इस अवसर पर पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुरूप दिवंगत मां के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की गई।
श्राद्धकर्म भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में दिवंगत परिजनों के प्रति स्मरण, सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करने से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। अलग-अलग समुदायों और परिवारों में इससे संबंधित रीति-रिवाजों के स्वरूप में भिन्नता हो सकती है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी अपने परिवार की स्थानीय परंपराओं के अनुसार इन रस्मों का निर्वहन किया।

