
रांची। देशभर में जनगणना को लेकर प्रशानिक तैयारियां तेज है। अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना के विषय में विस्तृत ट्रेनिंग की प्रक्रिया जारी है। केंद्र सरकार ने पहली बार विकल्प दिया है कि लोग खुद से अपना डेटा जनगणना कॉलम में भर सकेंगे। भारत में सबसे पहले 1872 में जनगणना शुरू हुई थी। इस बार जो जनगणना होगी, वह 16 वीं जनगणना होगी। लेकिन आजाद भारत की यह यह 8 वीं जनगणना होगी। वर्ष 2011 के बाद पहली बार लोगों की जनगणना होगी, जो गृह मंत्रलाय के सांख्यिकी आंकड़ें होते हैं।
राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को इसका नोडल डिपार्टमेंट बनाया गया है, जिसमें जिला स्तर और निगम स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। यह बातें रांची की मेयर रोशनी खलखो ने नगर निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि रांची में अधिक आबादी को देखते हुए यहां 04 परगना और पर्यवेक्षक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जनगणना दो चरणों में होगी। रिवजनल राउंड 1-5 मई से तक चलेगी, जिसमें बेघरों और संस्थाओं की जनगणना सहित अन्य शामिल हैं। वहीं 01 से 15 मई तक लोगों के बीच स्वयं से जनगणना करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
रांची के लोकभवन आवास की गणना से जनगणना की शुरूआत की होगी। 16 मई से परगना कर्मी लोगों के घर जाएंगे और लोगों के पहचान पत्र लेंगे। इस प्रकार कॉलम 01 से 03 के कॉलम को भरा जाएगा। ये सभी कार्यक्रम डिजिटली होंगे।
16 भाषाओ में होगी जनगणना, पूछे जाएंगे 33 प्रश्न : अधिकारियों ने बताया कि जनगणना परिपत्र में 16 भाषाओं को शामिल किया गया है, जहां क्षेत्रिय भाषाओं को समस्या आएगी, वहां स्थानीय शिक्षक को नियुक्ति की जाएगी और भाषाओं को ट्रांसलेट कर जनगणना में पूछे गए सभी सवालों के कॉलम में भरे जाएंगे। इसके लिए 264 प्रखंडों में 50 नगरीय अधिकारियों की जनगणना से संबंधित ट्रेंनिग दी जा चुकी है। लोग स्वयं अपने परिवार और आवास से संबंधित जानकारी आॅनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। लोग अपने मोबाइल के माध्यम से भी स्व-जनगणना कर सकेंगे। 01 से 15 मई तक सबसे पहले मकानों की गिनती होगी। इसके बाद जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी।
अधिकारी ने बताया कि 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण का कार्य विस्तृत रूप से सम्पन्न किया जाएगा। 01 जनवरी से 31 मार्च 2027 तक सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज रहेंगी। इस अवधि में कोई नया वार्ड या नगर निकाय का गठन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर उप महापौर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, सत्येंद्र कुमार गुप्ता (संयुक्त निदेशक, जनगणना संचालन निदेशालय), रजिस्ट्रार, रांची विश्वविद्यालय, उप नगर आयुक्त, पार्षद और सहायक नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
