
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद शुरू हो सकती है। दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई, जिसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह और बी एल संतोष जैसे पार्टी और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में पार्टी के संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में अध्यक्ष के लिए पांच नामों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम चल रहा है। इनके अलावा भी उन्होंने 4 और नाम बताए हैं। लेकिन, सबसे चौंकाने वाला नाम छठे नेता का है, जो अबतक इस चर्चा में पूरी तरह से गायब रहे हैं।



प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री: प्रह्लाद जोशी को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद जोशी अभी मोदी सरकार में कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री हैं। प्रह्लाद जोशी आरएसएस से होते हुए भाजपा सरकार में इतने बड़े पद तक पहुंचे हैं।
बीएल संतोष, बीजेपी महासचिव (संगठन) : बीएल संतोष भी कर्नाटक से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक हैं। भारतीय जनता पार्टी में यह पद पार्टी संगठन और संघ के बीच कड़ी का काम करता है। बीएल संतोष 1993 से आरएसएस के प्रचारक हैं और पूरी तरह से संघ के कार्यों से जुड़े रहे हैं। जब हमने बीजेपी सूत्र से सवाल किया कि क्या पार्टी इस तरह से एक प्रचारक को सीधे अपने संगठन का जिम्मा सौंप सकती है? तो उन्होंने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे के नाम का जिक्र किया, जिन्होंने आरएसएस से सीधे पार्टी संगठन का उत्तरदायित्व संभाला था। बीजेपी सूत्र ने यह भी दावा किया है कि अगर संतोष के नाम पर मुहर लगती है तो सुनील बंसल उनकी जगह महासचिव (संगठन) का जिम्मा संभाल सकते हैं।
सीटी रवि, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव : सीटी रवि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता हैं। वे चिकमगलूर विधानसभा क्षेत्र से चार बार टछअ रह चुके हैं। रवि अपनी आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वे कर्नाटक में भाजपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह शुरूआत से ही आरएसएस से जुड़े रहे हैं और अभी कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। उनकी आक्रामक राजनीति की वजह से उनका भी नाम जेपी नड्डा की जगह भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लिया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री : धर्मेंद्र प्रधान का नाम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काफी पहले से लिया जा रहा है। इसकी वजह है उनका आरएसएस वाला बैकग्राउंड और उनकी जबरदस्त संगठन क्षमता। वह पार्टी के बैकग्राउंड रणनीतिकारों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और चुनावी समीकरण बिठाने में भी इनके कौशल की पार्टी में खूब सराहना होती है। अभी प्रधान ओडिशा के संबलपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री : राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट से संसद भूपेंद्र यादव अभी केंद्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संभाल रहे हैं। भूपेंद्र यादव की तरह ही ये भी बीजेपी के धुरंधर रणनीतिकारों में शामिल रहे हैं और पार्टी के लिए चुनाव जितवाने वाली मशीन की तरह काम आते रहे हैं। संघ का बैकग्राउंड और बेहतरीन संगठन क्षमता की वजह से बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर इनका नाम भी काफी चर्चा में रहा है।
मनोज सिन्हा का भी नाम : भाजपा सूत्र ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर जो सबसे चौंकाने वाला संभावित नाम बताया है, वह है जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा का। सूत्र ने दलील दी है कि प्रधानमंत्री मोदी की वजह से पार्टी चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है, ऐसे में मनोज सिन्हा भी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सामने आ जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। पार्टी सूत्र का यह भी कहना है कि जो भी अध्यक्ष होंगे, वे अपेक्षाकृत युवा चेहरा होंगे।

