रांची। भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को घाटशिला विधानसभा से दिया टिकट। इस संबंध में बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने पत्र जारी कर दिया है। बाबूलाल सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र हैं और इससे पहले भी वे घाटशिला सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। भाजपा की स्थानीय इकाई ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में इस बार भी भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। पिछली बार 2019 के विधानसभा चुनाव में बाबूलाल सोरेन को झामुमो के रामदास सोरेन ने पराजित किया था। उस चुनाव में रामदास सोरेन को 98,356 वोट मिले थे, जबकि बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट प्राप्त हुए थे। चुनाव आयोग ने घाटशिला विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की तिथि की घोषणा कर दी है। यहां मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होनी है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर है और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर है। चुनाव आयोग की ओर से यहां कुल 300 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

मतदाताओं की संख्या और क्षेत्र का विवरणघाटशिला विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इस क्षेत्र में कुल 2,55,823 मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 1,24,899 और महिला मतदाता 1,30,921 हैं, जबकि ट्रांसजेंडर मतदाता की संख्या तीन है।

उल्लेखनीय है हाल ही में झामुमो विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। अब उपचुनाव की घोषणा के साथ ही घाटशिला में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने बाबूलाल सोरेन को फिर से मैदान में उतारकर यह साफ संकेत दिया है कि पार्टी इस सीट को झामुमो से छीनने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। झामुमो ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

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