
पटना। बिहार के शहरी निकायों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में चल रही महत्वाकांक्षी ई-गवर्नेंस परियोजना का पोर्टल अगस्त-सितंबर तक शुरू होने की संभावना है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए जारी निविदा की समय-सीमा बीते दिनों बार बढ़ा दी थी, ताकि अधिक संख्या में योग्य एजेंसियां परियोजना में भाग ले सकें और बेहतर तकनीकी विकल्प उपलब्ध हो सकें। अब प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना जताई गई है।राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (एनयूडीएम) के तहत लागू की जा रही यह परियोजना शहरी प्लेटफॉर्म फार डिलीवरी आफ आॅनलाइन गवर्नेंस आधारित एकीकृत ई-गवर्नेंस समाधान से संबंधित है। इसके तहत सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की विभिन्न सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।सरकार ने इस परियोजना के लिए अगले पांच वर्षों में वस्तु एवं सेवा कर सहित 119.90 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी है। राशि ई-गवर्नेंस मॉड्यूल के विकास, कार्यान्वयन, संचालन, रखरखाव तथा सभी नगर निकायों में दोहरी लेखा प्रणाली को एकीकृत रूप से संचालित करने पर खर्च की जाएगी।विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी पोर्टल के अनुकूलन और कार्यान्वयन का काम शुरू करेगी। नई व्यवस्था लागू होने पर होल्डिंग टैक्स भुगतान, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, शिकायत निवारण समेत कई नागरिक सेवाएं आॅनलाइन उपलब्ध होंगी।इससे लोगों को घर बैठे सेवाएं मिल सकेंगी और नगर निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनेगी। विभाग को उम्मीद है कि अगस्त-सितंबर तक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को नागरिकों के लिए शुरू किया जा सकेगा।
