
रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर आकर्षक पंडालों का निर्माण जोरों पर है। इसी क्रम में ज्योति संगम श्री दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष हस्तशिल्प कला की थीम पर भव्य पंडाल तैयार कर रही है। पंडाल में पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बंगाल के कारीगर पिछले एक माह से इसके निर्माण में जुटे हैं।
समिति के संयोजक दीपक कुमार ने मंगलवार को बताया कि ज्योति संगम श्री दुर्गा पूजा समिति वर्ष 1959 से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इस वर्ष पंडाल 100 फीट लंबा, 60 फीट चौड़ा और 50 फीट ऊंचा होगा। इसे पर्यावरण अनुकूल स्वरूप देने के लिए हुगला पत्ता, बांस की खपच्चियां, जूट और प्राकृतिक रेशों सहित विभिन्न सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा लोहा, थर्मोकोल, फाइबर और शीशे का भी उपयोग होगा। हुगला पत्तों पर की गई बारीक कारीगरी पंडाल का विशेष आकर्षण रहेगी।
पंडाल में मां दुर्गा सहित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं कमल के आसन पर विराजमान होंगी। इन प्रतिमाओं का निर्माण झारखंड के मूर्तिकार अजय पाल कर रहे हैं। वहीं, शहीद चौक से जैन मंदिर चौक तक आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। पूजा पंडाल का उद्घाटन चतुर्थी के दिन होगा।
समिति ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए करीब 30 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसमें पंडाल निर्माण पर 20 लाख रुपये, प्रतिमा निर्माण पर 2.50 लाख रुपये, लाइट एंड साउंड पर तीन लाख रुपये तथा पूजन सामग्री और भोग वितरण पर दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अन्य मदों के लिए 2.50 लाख रुपये निर्धारित हैं।
समिति में मुख्य संरक्षक सीपी सिंह, संरक्षक प्रमोद लोहिया, श्याम नारायण दयाल, शिव कुमार गुप्ता और दिव्या सिंह, अध्यक्ष चंद्रभान खत्री, कार्यकारी अध्यक्ष अंकित गुप्ता, अजय बथवाल और हेमंत पोद्दार, उपाध्यक्ष अमित व्यास और रवींद्र सैनी, कोषाध्यक्ष अविनाश कुमार, महासचिव राजकुमार गुप्ता, सचिव प्रखर लोहिया तथा मंत्री मनोज बक्सरिया सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
