
रांची। बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनकी ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। ईडी कोर्ट ने 21 सितंबर को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जांच जारी रहने तक आरोप गठन को टालने की मांग की गई थी।
हेमंत सोरेन की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर पीएमएलए एक्ट की धारा 44 (1) (डी) के प्रविधान के तहत ट्रायल करने का अनुरोध किया है। इस धारा के अनुसार जैसे सेशन ट्रायल यानी किसी भी मामले की जांच पूरी होने के बाद ही ट्रायल शुरू होता है। उसके अनुरूप ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी कोर्ट में ट्रायल शुरू करने की मांग की गई है।
सीएम हेमंत सोरेन की याचिका की मेंटनेबिलिटी (स्वीकार्यता) को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार यानी 29 सितंबर को अहम सुनवाई होनी है। यह मामला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायाधीश मनोज प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। दरअसल, हेमंत सोरेन की ओर से पीएमएलए कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की गई थी कि जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप तय न किए जाएं। हालांकि, विशेष अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
PMLA कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका : इससे पहले, रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ विवादित जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण, फर्जी दस्तावेजों के निर्माण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले में मुख्यमंत्री सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएमएलए कोर्ट के समक्ष पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेजों के अवलोकन के लिए अदालत से समय देने का अनुरोध किया था। इस पर अदालत ने टिप्पणी की थी कि वर्तमान चरण आरोप गठन का है, दस्तावेजों के निरीक्षण का नहीं। फिर भी मुख्यमंत्री के आग्रह पर विचार करते हुए अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 30 सितंबर तय की है, जब सुबह 11:15 बजे आरोप गठन के बिंदु पर आगे की सुनवाई होगी। बता दें कि ईडी इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब 18 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है।

