रामगढ़। रामगढ़ और हजारीबाग जिले के सीमा पर स्थित रबोध निवासी सब रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्याकांड में पुलिस ने सात आरोपियों को किया गिरफ्तार। बुधवार को एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सभी आठ हत्यारे मोबाइल कैमरे में कैद हुए हैं। गिरिडीह जिले के सब रजिस्ट्रार रहे बालेश्वर पटेल ने भी अपने मोबाइल से हमले के दौरान वीडियो बनाया था। जिसमें यह स्पष्ट है कि घटनास्थल पर आठ लोग मौजूद थे। जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। उन लोगों ने ईंट- पत्थर से पहले हमला किया। इसके बाद लाठी-डंडे से पिटाई की। सारे हमलावर के चेहरे मोबाइल कैमरे में ही कैद है।एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड में आठ लोग शामिल थे, जिनमें से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में शामिल संतोष कुमार साव उर्फ़ पप्पम, रामू साव उर्फ ज्ञानी, शकुंतला देवी, रूबी कुमारी, विनय कुमार, पूजा कुमारी और लक्ष्मी देवी उर्फ डोली कुमारी को गिरफ्तारकर लिया गया है। एक हत्यारा विष्णु अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।जमीन विवाद के कारण सभी लोगों ने मिलकर सब रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की हत्या की। वीडियो में किसने ईंट और पत्थर चलाए और किसने लाठी चलाई, सबकुछ रिकॉर्ड हुआ है। विनय कुमार ने बालेश्वर पटेल के सिर पर ईंट से हमला किया था और इसके बाद लाठी-डंडे से इतना मारा कि उनकी मौत हो गई।जांच के लिए बनी एसआइटी : एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) बनाई गई है। इस टीम का नेतृत्व रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन कर रहे हैं। साथ ही इस मामले में दर्ज कांड संख्या 151/26 का अनुसंधानकर्ता मांडू थाना प्रभारी सदानंद को बनाया गया है। जांच में किसी भी तरह की कमी न रहे इसके लिए पुलिस प्रशासन पहले से ही काफी सतर्कता बरत रहा है। इस जगह में हत्या के मामले में जल्द ही चार्जशीट सौंपा जाएगा और अपराधियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। एसपी ने बताया कि इस कांड में कुल 10 लोग अभियुक्त हैं 08 लोग मौका-ए-वारदात पर मौजूद थे। प्राथमिकी में हेमंत पांडे और दिनेश्वर साव का भी नाम मौजूद है, जिन पर षड्यंत्र रचने का आरोप है। वे लोग घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। उनकी इस वारदात में क्या संलिप्तता रही है, इसकी जांच चल रही है।एसपी ने बताया कि बालेश्वर पटेल ने बलसगरा, हुवाग सियारीटांड़ में दो जमीन खरीदी थी। एक 40 डेसिमल और दूसरा 11 डेसिमल। 11 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सब रजिस्टार बालेश्वर पटेल ने महेश प्रसाद से जमीन रजिस्ट्री कराई थी। जिस जमीन को उन्होंने रजिस्ट्री कराई थी उसी जमीन पर रामू साव उर्फ ज्ञानी अपना मकान बना कर रह रहा था। जमीन पर अवैध कब्जे की वजह से यह विवाद शुरू हुआ और बेहद दुखद घटना घटी।

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