
पटना। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पटना में बड़ी कार्रवाई करते हुए युवा रोजगार एवं कौशल विभाग (नियोजन भवन) के सहायक निदेशक परमजय सिंह को पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। सहायक निदेशक परमजय सिंह को नियोजन भवन के उत्तर दिशा की पार्किंग पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी अधिकारी पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आवंटन जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।



मामले की शुरूआत मुजफ्फरपुर निवासी ओम प्रकाश की शिकायत से हुई। उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि नए व्यवसाय के तहत 26 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को वेतन, कार्यालय व्यय और मशीन उपकरण मद में कुल 2.69 करोड़ रुपये का आवंटन निर्गत किया जाना था। सहायक निदेशक परमजय सिंह ने कार्यालय कक्ष में बुलाकर बताया कि लगभग 1.70 करोड़ रुपये का आवंटन जारी किया गया है और इसके बदले 10 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत कर्ता ने निगरानी ब्यूरो को जानकारी दी कि उनसे कहा गया है कि 10 लाख रुपये निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण सुनील कुमार-1 द्वारा मांगे गए हैं। उसमें से कुछ राशि सहायक निदेशक ने अपने लिए भी मांगी है। शिकायत बड़ी थी लिहाजा पहले इसका सत्यापन कराया गया। आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी डीएसपी पवन कुमार-1 के नेतृत्व में एक धावा दल बनाया गया।
शुक्रवार को जिस वक्त सहायक निदेशक नियोजन भवन के उत्तर में स्थित पार्किंग में रिश्वत के पांच लाख रुपये ले रहे थे ठीक उसी वक्त उन्हें राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी ने रिश्वतखोर सहायक निदेशक परमजय सिंह को गिरफ्तार करने के बाद इनके घर की तलाशी का भी अभियान चलाया। निगरानी ब्यूरो ने डीएसपी विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सहायक निदेशक परमजय सिंह के घर कंकड़बाग में धावा बोला। आरोपित के घर से 15 लाख रुपये से अधिक नकद के साथ निवेश के कई कागजात बरामद किए गए हैं। जांच फिलहाल जारी है।

