
महू। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्धों की बढ़ती जटिलता और अनिश्चितता के मौजूदा दौर में केवल सैनिकों या हथियारों की संख्या ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी , रणनीति और युद्ध के स्वरूप के अनुरूप तुरंत उसका जवाब देने में सक्षम सेनाएं ही अपना लोहा मनवा सकेंगी। उन्होंने देश और सेनाओं को लंबी लड़ाइयों के लिए तैयार रहने तथा इसके लिए जरूरी क्षमता और संसाधनों की उपलब्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की लड़ाई नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी, खुफिया जानकारी, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के संयुक्त प्रयास पर निर्भर करेंगे। जो देश प्रौद्योगिकी, रणनीति और अनुकूलनशीलता के त्रिकोण में महारत हासिल कर लेगा वही सच्ची वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा।
महू सैन्य छावनी के आर्मी वॉर कॉलेज में तीनों सेनाओं की संयुक्त संगोष्ठी रण संवाद 2025 के दूसरे और अंतिम दिन पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत किसी की जमीन नहीं चाहता, लेकिन अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। सिंह ने कहा कि आज के दौर में युद्ध इतने अचानक और अप्रत्याशित हो गए हैं कि यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि कोई युद्ध कब समाप्त होगा और कितने समय तक चलेगा।’ उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि इसका मतलब यह है कि अगर कोई युद्ध दो महीने, चार महीने, एक साल, दो साल, यहां तक कि पांच साल तक भी चलता है, तो हमें उसके लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
सिंह ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल सेना का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह संपूर्ण राष्ट्र के दृष्टिकोण का मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि हमें किसी की जमीन नहीं चाहिए, लेकिन हम अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। रक्षा मंत्री ने यह बात प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी सहित भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में कही। उन्होंने आॅपरेशन सिंदूर के लिए तीनों सेनाओं की सराहना की और कहा कि यह अभियान भारत के स्वदेशी मंचों, उपकरणों और हथियार प्रणालियों की सफलता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। सिंह ने कहा कि इस अभियान की उपलब्धियों ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि आने वाले समय में आत्मनिर्भरता एक परम आवश्यकता है। हमने आत्मनिर्भरता के मार्ग पर महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन हमें अब भी एक लंबा रास्ता तय करना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आॅपरेशन सिंदूर की सफलता उस बहादुरी और तेजी का ‘उत्कृष्ट उदाहरण’ है जिसके साथ भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह अभियान ऐसा था जिसकी इन आतंकवादियों ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। सिंह ने कहा कि अगर हम आॅपरेशन सिंदूर की बात करें, तो यह वास्तव में तकनीक-संचालित युद्ध का एक अद्भुत प्रदर्शन था।
