
रांची। शहर-शहर घूम रहे मशहूर फिल्मकार अनुभव सिन्हा गुरुवार को रांची पहुंचे। प्रेस क्लब में वे संवाद कार्यक्रम में मुखातिब हुए। शहर के अपर बाजार में सुबह कचौरी-जलेबी का स्वाद भी लिया। अनुभव ने अपने जन्मस्थान प्रयागराज से लेकर बनारस और फिर मुंबई की यात्रा के बारे में भी बातें कीं। मुंबई के बारे में बताया कि यह पलायित लोगों का शहर है। हम लोग उखड़े हुए लोग हैं। अपनी जमीन की तलाश में ही हम यात्रा कर रहे हैं ताकि हम जमीन को थोड़ा बेहतर जान सकें।
एक सवाल के जवाब में सिन्हा ने देश की विविधता को अद्भुत बताया और कहा कि इस देश का कोई मुकाबला नहीं है। इतनी विविधता कहीं नहीं है। कहा कि वे पिछली रात 9 बजे तक पंजाब में थे और अगली सुबह नौ बजे रांची में थे।



पंजाब से झारखंड आते ही भाषा, खान-पान सब कुछ बदल गया। अभिनव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा पर फिल्म बनाना चाहते हैं। फिलहाल इनके बारे में ज्यादा उनको जानकारी नहीं है। भविष्य में इन पर शोध कर एक फिल्म बनाएंगे। झारखंड की धरती पर भी फिल्म की शूटिंग करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कहानी मिलते ही झारखंड में भी शूटिंग करना पसंद करेंगे।
इसी 20 फरवरी को पर्दे पर आ रही ‘अस्सी’ को लेकर बातें की। सवालों के जवाब भी दिए। बड़े शहरों की बजाय, छोटे शहरों के मन-मिजाज को समझने की कोशिश कर रहे, जहां जमीन से जुड़ी हुई कहानियां हैं। उन्होंने छोटे शहरों के दर्शकों और बालीवुड फिल्मों के बीच बढ़ती दूरी पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर मुंबई में यह माना जाता है कि मुल्क जैसी फिल्में छोटे शहरों में नहीं देखी जाती, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
अनुभव कहते हैं, दर्शक सिनेमाघर में तब पहुंचेंगे जब आप निमंत्रण देंगे। यही काम करने आया हूं। विवाह में हम घर-घर आमंत्रण देते हैं। इसीलिए यहां आए हैं, आपको आमंत्रण देने ताकि आप सिनेमा देख सकें।
अस्सी फिल्म में भी कोर्ट रूम है, लेकिन यह उनकी पिछली फिल्मों से ज्यादा सजीव और वास्तविक लगेगा। इस बाबत वे कहते हैं कि दो दिनों तक दिल्ली के पटियाला कोर्ट की कार्यवाहियां देखीं और लगा कि हम सब कितनी गलतफहमी में हैं।
उन्होंने बताया कि कोर्ट रूम फिल्में इसलिए हिट होती हैं क्योंकि इसमें दर्शक को ‘जज’ बनने का मौका मिलता है। दर्शक वकीलों की दलीलें सुनते हैं और मन ही मन अपना फैसला सुनाते हैं, जिससे उनका फिल्म के साथ गहरा जुड़ाव होता है। एक आदेश से जिंदगी बदल जाती है।

