
पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच कड़वाहट लगातार बढ़ती जा रही है। हार की संयुक्त समीक्षा से पहले ही दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली में कांग्रेस की समीक्षा बैठक में हार का ठीकरा राजद पर फोड़ा गया, जिसके जवाब में राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस को उसकी औकात याद दिलाते हुए एक तीखा बयान दिया। इस बयान के बाद कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या दोनों पुराने सहयोगियों के रास्ते अब अलग हो जाएंगे? इस खींचतान पर बीजेपी ने कसा तंज।



राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने शनिवार को कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जो भी सीटें और वोट मिले हैं, वे सिर्फ राजद के मजबूत जनाधार के कारण ही संभव हो पाए। मंडल ने दो टूक शब्दों में कहा, ‘अगर कांग्रेस पार्टी अलग राजनीति करना चाहती है, तो कर ले। इससे उन्हें अपनी ताकत का पता चल जाएगा।’
मंगनी लाल मंडल ने 2020 के चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि तब कांग्रेस ने 72 सीटें ली थीं और 19 पर जीत राजद की वजह से ही हुई थी। मंडल ने कांग्रेस से अपनी ‘औकात’ का विश्लेषण करने को कहा और यह भी जोड़ा कि अगर वे अलग चलना चाहते हैं तो उन्हें कोई नहीं रोक रहा है।
राजद प्रदेश अध्यक्ष के इस तीखे बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने पलटवार किया। असितनाथ तिवारी ने सवाल किया कि अगर कांग्रेस की कोई राजनीतिक ताकत नहीं है, तो कोई हमसे गठबंधन क्यों करेगा? उन्होंने जोर देकर कहा कि सहयोगी दलों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और जिन्हें यह नहीं आता, उन्हें गठबंधन धर्म की समझ नहीं है।
इस राजनीतिक घमासान पर बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तुरंत तंज कसा। उन्होंने कहा कि दोनों दल चुनाव से पहले भी लड़ रहे थे और चुनाव के बाद भी लड़ रहे हैं। शाहनवाज हुसैन के अनुसार, यह खींचतान महागठबंधन में तालमेल की कमी को स्पष्ट रूप से दिखाती है।

