
लेह। लद्दाख के लेह में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। शनिवार को चौथे दिन भी हिंसा प्रभावित लेह शहर में कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने गश्त तेज कर दी है और जगह-जगह नाके लगाकर सख्त निगरानी की जा रही है।
वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उनके कदम राज्य की सुरक्षा के लिए “हानिकारक” माने गए। गिरफ्तारी के बाद से ही लेह शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों में कैद हैं और बाजार पूरी तरह से बंद पड़े हैं।
पर्यटन का केंद्र माने जाने वाले लेह के बाजार, जो बीते हफ्ते तक सैलानियों से गुलजार थे, अब सुनसान हो गए हैं। केवल कुछ विदेशी पर्यटक ही इक्का-दुक्का दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगले दो दिन बेहद अहम होंगे क्योंकि हालिया हिंसा में मारे गए चार लोगों का अंतिम संस्कार होने वाला है। बुधवार को हुए प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हो गए थे।
शुक्रवार रात प्रशासन ने बयान जारी कर वांगचुक पर हालात बिगाड़ने का आरोप लगाया। प्रशासन का कहना है कि अगर उन्होंने “व्यक्तिगत और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर भूख हड़ताल खत्म कर दी होती” तो यह घटना टल सकती थी।
