
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में भगवान राम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा देश-विदेश की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में भारी भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खासतौर पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के भीतर और बाहर तैनात सभी कर्मचारियों का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। राजनैतिक और बॉलीवुड से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है। इनके चार्टर्ड विमानों से पहुंचने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट पर वीआईपी मूवमेंट बढ़ने की संभावना है। इसलिए सुरक्षा बलों ने तैयारियों और तेज कर दिया है। एयरपोर्ट के आसपास स्थित होटल, होमस्टे और आवासीय परिसरों की गहन जांच चल रही है। 24 से 25 नवंबर के बीच यहां ठहरने वाले सभी यात्रियों का अनिवार्य वेरिफिकेशन किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई होगी। एनएसजी, सीआरपीएफ, एसपीजी, आईबी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा प्रबंधन संभाल रही हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीआईपी मूवमेंट के बावजूद सामान्य उड़ानों का संचालन बाधित नहीं होगा। केवल वीआईपी आगमन-प्रस्थान के दौरान विशेष प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी आॅफ इंडिया ने ग्राउंड स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों, केटरिंग स्टाफ और मजदूरों सहित सभी कर्मचारियों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट क्लियर होने पर ही उन्हें ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
25 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी के विशेष विमान से पहुंचने की संभावित टाइमिंग को देखते हुए एयरपोर्ट पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। सुबह 9 से 11 बजे के बीच निर्धारित दो कमर्शियल फ्लाइट्स के संचालन के दौरान यात्रियों को समय-समय पर संदेश भेजकर बुलाने या रोके जाने के निर्णय यहीं से लिए जाएंगे। प्रशासन का निर्देश है कि किसी भी स्थिति में यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
