रांची। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद महिला डॉक्टर की हत्या की घटना को लेकर देशभर के चिकित्सकों के साथ राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रांची के चिकित्सक भी सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल थे।

रिम्स में चिकित्सकों को सुरक्षा तो नहीं मिली लेकिन एक हाउस सर्जन छात्रा के साथ रविवार सुबह छेड़खानी हो गई। घटना उस समय घटी जब हाउस सर्जन ड्यूटी के लिए लिफ्ट से जा रही थीं। लिफ्ट में सवार एक युवक ने छात्रा से छेड़छाड़ शुरू कर दी। हालांकि, हाउस सर्जन ने हिम्मत दिखाते हुए जैसे ही लिफ्ट खुली युवक को पकड़ लिया और शोर मचाने लगी।

इसके बाद युवक को होमगार्ड के जवानों ने दबोच लिया। फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। दूसरी तरफ घटना के विरोध में सुरक्षा की मांग को लेकर सभी हाउस सर्जन ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। इससे चिकित्सा सेवा प्रभावित है। जूनियर डाक्टरों ने बताया कि आनकोलॉजी विभाग में रविवार की सुबह एक जूनियर रेजिडेंट नान एकेडमिक (हाउस सर्जन छात्रा) जब ड्यूटी पर जा रही थी तो अस्पताल की ही लिफ्ट में उसके साथ छेड़खानी की गई।

उसके साथ गंदी हरकत की गई। छेड़खानी करने वाले युवक को पकड़कर इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम भेज दिया गया, जहां से उसे बरियातू थाना भेज दिया गया। साथ ही संस्थान की ओर से बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। पुलिस के समक्ष युवक ने अपना नाम कुलदीप कुमार बताया है। वह रांची के कोकर का रहने वाला है। वह अस्पताल में इलाज कराने आया था। पुलिस जांच कर रही है।

बरियातू पुलिस के अनुसार आरोपी अपने दांत का इलाज करवाने अस्पताल गया था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है, आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और उसे जेल भेज दिया गया है।
हाउस सर्जन अपनी मांग को लेकर अडिग
हाउस सर्जन ने कार्य बहिष्कार खत्म करने के लिए तीन मांगें रखी हैं। इसके बाद प्रबंधन की ओर से उनकी मांगें मान ली गईं, लेकिन आनकोलॉजी विभाग में पुरुष गार्ड को बढ़ाने को लेकर मामला फंसा हुआ है। इसमें हाउस सर्जनों ने महिला से अधिक पुरुष गार्ड की तैनाती कराने की मांग रखी है।

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