नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा से संबंधित कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की ढाई घंटे तक चली मैराथन बैठक में पहलगाम आतंकी हमले की साजिशकर्ताओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को हरी झंडी दे दी गई। बैठक में गृह व सहकारिता अमित शाह ने पहलगाम में धर्म पूछकर निर्दोष पर्यटकों की हत्या करने के कायराना आतंकी वारदात के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाबी कार्रवाई के लिए तीनों सेनाओं की तैयारियों का ब्यौरा दिया।

बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के विशेष सचिव शक्तिकांत दास, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका और रिसर्च एंड एनालाइसिस विंग (रा) के प्रमुख रवि सिन्हा मौजूद थे। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अपने आवास सात लोककल्याण मार्ग पर हुई बैठक में प्रधानमंत्री मोदी काफी गंभीर रहे।

बैठक में प्रधानमंत्री का रुख था कि भारत की सहनशीलता की बार-बार परीक्षा ली जा रही है। लेकिन इस बार न सिर्फ हमला करने वाले आतंकियों, बल्कि उनके आकाओं के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो यादगार रहे। प्रधानमंत्री के रूख से साफ था कि भारत के सब्र का बांध अब टूट चुका है और कड़ी कार्रवाई का समय आ गया है। सूत्रों के अनुसार बैठक में पहलगाम आतंकी हमले के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और इसके लिए पाकिस्तान सेना समर्थित आतंकियों के हाथ होने के ठोस सबूत पेश किये गए।

अमित शाह ने साफ किया कि पिछले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को हाशिये पर लाने में अहम सफलता मिली है और इसके परिणाम स्वरूप हिंसाग्रस्त कश्मीर विकास की नई ऊंचाई पर जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान आतंकियों के सहारे कश्मीर में फिर से भय और अनिश्चितता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। इसका करारा जवाब दिया जाना जरूरी है।
राजनाथ सिंह ने सैन्य तैयारियों की दी जानकारी : सूत्रों के अनुसार तीनों सेना अध्यक्षों से तीन घंटे तक बैठक कर चुके राजनाथ सिंह ने सैन्य तैयारियों की जानकारी दी। उनके अनुसार हरी झंडी मिलने के बाद सेना आतंकियों को प्रशिक्षण और शरण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार है और जल्द ही इससे संबंधित पूरी कार्ययोजना पेश करेगी।

उन्होंने साफ किया कि सेना लगातार सीमा पार से आतंकी घुसपैठ की घटनाओं से निपट रही है और इसे पूरी तरह से रोकने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। वहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकी हमले के खिलाफ पूरी दुनिया से मिले भारत को समर्थन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय सभी देशों को आतंकी हमले और उसके पीछे पाकिस्तान के हाथ होने की जानकारी सबूतों के साथ देने को तैयार है और उन्हें आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में सहयोग के लिए तैयार किया जाएगा।

डोभाल ने आइएसआइ और पाक सेना की दी जानकारी : उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में पाकिस्तान अलग-थलग है और एक-दो देशों को छोड़कर कोई उसके समर्थन में नहीं आएगा। बैठक में पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई।
जबकि एनएसए अजीत डोभाल ने पाकिस्तानी सेना और आइएसआइ के संरक्षण में चल रहे आतंकी नेटवर्क की पूरी जानकारी दी। उन्होंने सीमा पार आतंकियों के प्रशिक्षण शिविरों, लांच पैड और पाकिस्तान सरकार की ओर से उन्हें मिल रही परोक्ष फंच्डग की जानकारी दी।

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