
पटना। पटना जंक्शन के आसपास की भीड़भाड़ और पुरानी दुकानों के बीच अब आधुनिक शहर की नई तस्वीर उभरेगी। महावीर मंदिर से जीपीओ गोलंबर तक फैले न्यू मार्केट को नए सिरे से विकसित करने की योजना को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत सात मंजिला पटना मॉल और वेंडरों के लिए तीन मंजिला मार्केट बनाया जाएगा। अगले साल निर्माण शुरू करने और तीन वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य है। इससे न्यू मार्केट को नई पहचान मिलने के साथ खरीदारी और पार्किंग की सुविधाएं भी बेहतर होंगी।12,812 वर्गमीटर जमीन पर फैले न्यू मार्केट के पुनर्विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर नगर निगम को सौंप दी गई है। नेशनल एपेक्स कमेटी डीपीआर को मंजूरी दे चुकी है। अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत स्वीकृत इस योजना पर 590.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य में इस मिशन के तहत स्वीकृति पाने वाली यह पहली योजना है।दो हिस्सों में होगा न्यू मार्केट का विकास : योजना के तहत मस्जिद से जीपीओ गोलंबर के बीच 39,990 वर्गमीटर में सात मंजिला पटना मॉल बनाया जाएगा। वहीं, महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच 4,600 वर्गमीटर में तीन मंजिला वेंडर मार्केट विकसित होगा। पटना मॉल में होटल, कार्यालय, मल्टीप्लेक्स, गेम जोन और बड़े ब्रांड के शोरूम होंगे। इससे लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी।590.05 करोड़ की योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत पूरा किया जाएगा। इसकी कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाया जाएगा। वहीं, 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, निर्माण का काम इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में होगा। इसके तहत डिजाइन तैयार करने, निर्माण सामग्री जुटाने और भवन बनाने से लेकर तैयार परियोजना सौंपने तक की जिम्मेदारी एक ही कंपनी की होगी। इसी कंपनी से 50 प्रतिशत राशि जुटाई जाएगी आजादी से पहले बना न्यू मार्केट समय के साथ पुराना और जर्जर हो चुका है। वर्तमान में यहां करीब 400 दुकानें हैं। नए निर्माण के लिए पुराने भवन को तोड़ा जाएगा।इससे पहले नगर निगम प्रशासन दुकानदारों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करेगा। योजना का उद्देश्य वेंडरों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने के साथ बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।

