
भीलड़ी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात के बनासकांठा जिले के किसानों ने इस क्षेत्र को आलू उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत नहीं है, जो आलू से सोना बनाने का वादा करे, क्योंकि वे अपने काम के जरिए पहले से ही ऐसा कर रहे हैं। क्षेत्र की कृषि प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नर्मदा के पानी की उपलब्धता और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने से बनासकांठा का कृषि परिदृश्य बदल गया है। उन्होंने भीलड़ी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बनासकांठा के आलू अब पूरी दुनिया में मशहूर हैं। किसी को यहां आकर यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे आलू से सोना बना देंगे। यहां के लोग खुद कह सकते हैं कि वे पहले से ही ऐसा कर रहे हैं।



कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 नवंबर, 2017 को पाटन जिले में आलू अंदर, सोना बाहर का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने सनादर स्थित आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का भी जिक्र किया, जहां फ्रेंच फ्राइज बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विस्तार से संयंत्र की क्षमता बढ़ेगी और किसानों से अधिक आलू खरीदे जा सकेंगे। उम्मीद है कि यह सुविधा कृषि उत्पादन को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर आलू उत्पादकों के लिए एक अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराएगी। यह विस्तार प्रधानमंत्री मोदी की बनासकांठा यात्रा के दौरान उद्घाटन की गई परियोजनाओं में से एक था। उन्होंने बनास डेयरी सहकारी समिति की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इसका काम गुजरात से आगे बढ़कर देश के अन्य हिस्सों में सहकारी आंदोलन में योगदान दे रहा है, जिसमें उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि डेयरी के अनुभव और सेवाओं से उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को भी लाभ हुआ है।

