
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर श्यामचंद पंचायत में हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। मंगलवार रात हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बुधवार को जब गांव में बच्चों की अर्थियां उठीं, तो माहौल चीख-पुकार और विलाप से भर गया। हादसे में कई परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है।



गांव की गलियों से एक साथ कई बच्चों की अर्थियां निकलते देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। जिन घरों में बच्चों की हंसी-खुशी से रौनक रहती थी, वहां अब मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दुख की इस घड़ी में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही परिवार के सात बच्चों की मौत हो गई, जबकि दूसरे परिवार के पांच और तीसरे परिवार के एक बच्चे की जान चली गई।
भोज में शामिल होने जा रहे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में एक घर पर भोज का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए गांव के करीब 20 लोग एक छोटी और जर्जर नाव पर सवार होकर ढाब के दूसरी ओर जा रहे थे। इसी दौरान बीच पानी में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव पर सवार लोग पानी में डूबने लगे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस दुर्घटना में 13 बच्चों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक की लहर फैल गई। अस्पताल में भी पीड़ित परिवारों के बीच गम का माहौल रहा। घटना के बाद पहुंचे अधिकारी भी दुखी नजर आए।
जर्जर नाव को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद नाव की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नाव बदलने के लिए पहले भी आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद जर्जर नाव का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि समय रहते नाव बदलने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की दिशा में कदम उठाए जाते, तो क्या इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था?
कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। जिन माता-पिता को अपने बच्चों के भोज से लौटने का इंतजार था, उन्हें अब कभी न भरने वाला दुख मिला है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर कोई पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल है।
रामपुर श्यामचंद में पसरी खामोशी और परिजनों का विलाप इस त्रासदी की गंभीरता को बयां कर रहा है। एक साथ 13 बच्चों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

