
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि देश के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन उनका समाधान निकालने की क्षमता भी 140 करोड़ भारतीयों में है। बुधवार को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत के पायलट की चर्चा कर रही है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब दुनिया ‘मेड इन इंडिया’ विमान की भी बात करेगी।



प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब ऐसे बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने चाहिए, जो देश को दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल करें। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना, गरीबी से मुक्त देश बनना और शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इनोवेशन तथा टेक्नोलॉजी समेत हर क्षेत्र में नेतृत्व करना होना चाहिए।पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के महान विचारकों ने भारत के गौरवशाली भविष्य का सपना देखा था।
उन्होंने कहा कि आज भारत के पास अपने सपनों को पूरा करने की स्वतंत्रता के साथ-साथ उन्हें साकार करने की क्षमता भी है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में विकसित भारत का जो सपना देश देख रहा है, वह निश्चित रूप से पूरा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब रुकने का कोई कारण नहीं है। 140 करोड़ देशवासी मिलकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करेंगे।प्रधानमंत्री ने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस लक्ष्य को कभी असंभव माना जाता था, उसे भारत ने हासिल करके दिखाया है।
उनके अनुसार, एक दशक के भीतर करीब 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना देश की क्षमता और सामर्थ्य का प्रमाण है।पीएम मोदी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें विश्वास है कि देश अपनी आंखों के सामने बदल रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण दूरदर्शी नीतियों, निरंतर मेहनत और 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति से होगा।गौरतलब है कि ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सुनिश्चित करना है।

