
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक संक्षिप्त सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस पोस्ट को राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतारने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।



सपा पहले ही वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। तीसरे प्रत्याशी को लेकर पार्टी के भीतर और राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा चल रही थी। अखिलेश के ताजा पोस्ट के बाद माना जा रहा है कि सपा अब तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
अखिलेश के ‘403’ वाले बयान को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों से जोड़कर देखा जा रहा है। यानी पार्टी का राजनीतिक फोकस अब राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर अधिक रहने का संकेत मिल रहा है। हालांकि, अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में तीसरे उम्मीदवार को लेकर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया है।
राजभर ने कसा तंज
अखिलेश यादव के पोस्ट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसा। राजभर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मित्र अखिलेश जी, बस हो गया टांय-टांय फिस्स! वैसे कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर ही लेते हैं। जैसे आज किया। रही बात 403 की तो बस यही कहूंगा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।”
राज्यसभा चुनाव का गणित
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत है। मौजूदा विधानसभा के बदलते संख्या बल के बीच सपा-कांग्रेस खेमे के पास दो उम्मीदवारों के लिए आवश्यक समर्थन उपलब्ध माना जा रहा है। तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए सपा को अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ती। इसी वजह से तीसरी सीट को लेकर पार्टी के सामने संख्या बल की चुनौती बनी हुई थी।
दूसरी ओर, भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास बड़ी संख्या में विधायक हैं। हालांकि, आठवीं राज्यसभा सीट के लिए आवश्यक मतों और गठबंधन के मौजूदा संख्या बल के बीच भी अंतर बताया जा रहा है। ऐसे में अतिरिक्त समर्थन जुटाना चुनावी गणित का अहम पहलू बन सकता था।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित है।

