
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर मंगलवार को मतदान के दौरान आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों के साथ बहस और धक्का-मुक्की की तथा एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर का कॉलर भी पकड़ा। घटना के बाद पुलिस उन्हें रेजीनगर थाने ले गई।



हुमायूं कबीर मंगलवार सुबह अपने परिवार के साथ मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचे थे। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए। कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके घर समेत इलाके के मतदाताओं को परेशान कर रही है और चुनाव में गड़बड़ी की जा रही है।
कबीर ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यदि पुलिस लोगों के साथ मारपीट करेगी तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने अपने समर्थकों से पुलिस का लाठियों से मुकाबला करने की अपील भी की। उनके इन बयानों के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कबीर ने आरोप लगाया कि उपचुनाव की घोषणा के बाद से रेजीनगर में खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट के भी आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रेजीनगर सीट पर इस बार मुकाबला बहुकोणीय है। यहां भाजपा, एजेयूपी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई (एम) और आरएसपी समेत विभिन्न दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल 14 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या 65 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर रेजीनगर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 34 कंपनियां तैनात की गई हैं। हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद इस उपचुनाव में एजेयूपी के उम्मीदवार हैं। रेजीनगर सीट पर उपचुनाव कबीर के दूसरी सीट को छोड़ने के बाद कराया जा रहा है।

