
पटना। पटना के रामनगर स्थित छह लेन वाले रिंग रोड को कच्ची दरगाह से जोड़ने का निर्माण कार्य 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 14.5 किमी लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर 1183 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मंगलवार को परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। पथ निर्माण विभाग ने पटना में जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क संपर्कता बढ़ाने पर जोर दिया है। समीक्षा बैठक में पटना रिंग रोड के निर्माण की प्रगति पर अभियंताओं के साथ विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार छह लेन का यह कॉरिडोर शहर के बाहरी हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-131जी के तहत छह लेन पटना रिंग रोड के रामनगर-कन्हौली सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है। इसी परियोजना में ईपीसी मोड पर 14.5 किमी लंबे रामनगर-कच्ची दरगाह कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। विभाग ने इस हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट की भी हुई समीक्षा : बैठक में चौसा-बक्सर बाईपास, औरंगाबाद के दाउदनगर बाईपास और भागलपुर से ढाका मोड़ तक फोर लेन सड़क सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। एनएच-139 पर अरवल बाईपास और बिहार-झारखंड सीमा से बांका के भालजोर तक फोर लेन सड़क पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
2028 की डेडलाइन पर विभाग का फोकस : समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डा. शैलजा शर्मा और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े अभियंता मौजूद रहे। विभाग का फोकस अब निर्माण की गति बढ़ाने और तय समय में परियोजनाएं पूरी करने पर है। रामनगर-कच्ची दरगाह कॉरिडोर के तैयार होने से पटना की सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है।

