
रांची: राजधानी रांची में कारोबारियों को गैंगस्टर प्रिंस खान और राहुल सिंह के नाम पर लगातार धमकी भरे कॉल और व्हाट्सऐप संदेश मिलने से दहशत का माहौल है। होटल व्यवसायी, सर्राफा कारोबारी, दवा विक्रेता और बिल्डर लगातार रंगदारी की मांग का सामना कर रहे हैं। ताजा मामला बरियातू थाना क्षेत्र का है, जहां रानी बागान निवासी और रियल एस्टेट कारोबारी बिजेंद्र सिंह से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है।



पीड़ित कारोबारी के अनुसार, मंगलवार को उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश भेजकर खुद को प्रिंस खान बताते हुए एक करोड़ रुपये की मांग की गई। साथ ही तय समय पर रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। कारोबारी जब शिकायत दर्ज कराने बरियातू थाना पहुंचे, उसी दौरान उनके मोबाइल पर दोबारा व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने फिर खुद को प्रिंस खान बताते हुए एक सप्ताह के भीतर रकम पहुंचाने की चेतावनी दी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
कारोबारी का आरोप है कि अपराधियों ने उनके परिवार की रेकी कराई है। उन्होंने परिवार के सदस्यों की गतिविधियों और वाहनों की जानकारी भी व्हाट्सऐप पर भेजी, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है।
रांची में पिछले कुछ महीनों के दौरान रंगदारी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जनवरी में एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित टीटोस रेस्टोरेंट के संचालक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं मिलने पर रेस्टोरेंट में फायरिंग की गई, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।
मार्च में अल्बर्ट एक्का चौक स्थित जय हिंद फार्मा के संचालक को भी एक करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए धमकी मिली। जून में होटल जलजोगा के संचालक मिहिर घोष से 50 लाख रुपये और होटल कैपिटल हिल के संचालक संजय भाटिया से एक करोड़ रुपये की मांग की गई। इसके बाद पॉल ज्वेलर्स के संचालक और हटिया क्षेत्र के एक अन्य कारोबारी से पांच-पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
जून के अंतिम सप्ताह में कारोबारी उमाशंकर सिंह को दुबई के एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल कर पांच करोड़ रुपये की मांग की गई। इतना ही नहीं, अपराधियों ने उनके प्रतिष्ठान पहुंचकर उनकी तस्वीर खींची और व्हाट्सऐप पर भेजते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस के अनुसार, अधिकांश मामलों में विदेशी मोबाइल नंबर, इंटरनेट कॉलिंग, व्हाट्सऐप कॉल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्रॉक्सी नेटवर्क और विदेशी गेटवे का सहारा ले रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
लगातार बढ़ रही रंगदारी की घटनाओं को देखते हुए झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय से विशेष एंटी-एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स के गठन की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

