
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिये 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने नए आपराधिक कानूनों के एकीकृत कार्यान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) और बिहार न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस सम्मेलन में राज्य में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से और समान रूप से से लागू करने तथा न्याय वितरण प्रणाली में आपसी समन्वय मजबूत करने पर गहन चर्चा की जायेगी।चौधरी ने नए आपराधिक कानूनों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी और 14 करोड़ से अधिक लोगों को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बिहार की न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन पर है। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान सदैव न्याय के साथ विकास की रही है और नए आपराधिव आपराधिक कानूनों का प्रभावी एवं जनहितकारी क्रियान्वयन इसी भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिये 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जायेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा जब आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार और न्यायपालिका के बीच नियमित अंतराल पर समन्वय बैठकें आयोजित की जानी चाहिये, जिससे जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम को नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ लागू करना समय की आवश्यकता है। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता है। अपराध नियंत्रण, निगरानी और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों तथा वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है। फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फोरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे मामलों का शीघ्र निष्पादन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है, इसे घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा समयबद्ध न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि कानून का राज स्थापित करने के लिए किया गया निवेश आने वाले कई दशकों तक राज्य को लाभ पहुंचाएगा।




