
एबीकेएम ( महिला शाखा ) की ओर मेनोपाज़ पर सेमिनार



रांची। जिस प्रकार के बच्चियों की रजस्वला प्रकृति का अनुपम उपहार है, उसी तरह रजोनिवृत्ति ( मेनोपाज ) भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। इस पर दबी ज़ुबान से नहीं बल्कि खुलकर बातें करने की जरूरत है। ये बातें डॉ ज्योति सिंह ने कहीं। वे मेदान्ता हॉस्पिटल में मेनोपाज विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहीं थीं।

एबीकेएम ( महिला शाखा ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ अमूल्य स्वाति ने भी इससे जुड़े लक्षणों, उपचार व समाधान के बारे में बताया। मौके पर मनोचिकित्सक डॉ ओमी सिंह एवं अनुप्रिया ने महिलाओं की मानसिक परेशानियों के बारे में जाना। साथ ही बताया कि किस प्रकार काऊंसिल के ज़रिये मेनोपाज को सामान्य बनाया जा सकता है। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवियत्री रेणुबाला धर ने स्वरचित गीत के माध्यम से बहनों में जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के बारे में महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष स्मिता ने बताया कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं, इसलिए उनकी टीम हरेक महीने स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इस अवसर पर उमा सिन्हा, निर्मला कर्ण, रेणुबाला धर, सत्या सिन्हा, इंदु श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव, वीणा श्री, आरती सिन्हा, संगीता लाल समेत कई सदस्य मौजूद थे।

