
रांची। मांडर थाना क्षेत्र में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर आठ दरिंदों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा मामले में संलिप्त एक 15 वर्षीय नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्त में आए आरोपियों में पापड़ मुंडा उर्फ प्रकाश मुंडा, आयुष उरांव, रामलुस कुजूर, रंजीत उरांव, उमेश भगत, दीपक उरांव, राम उरांव और विकास उरांव शामिल हैं। सभी



खलारी के डीएसपी राम नारायण चौधरी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि छह जून की शाम मांडर थाना क्षेत्र के करगे गांव की एक महिला के लिखित आवेदन के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना दर्ज की गई और इस पूरे मामले की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी गई। डीएसपी ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम में मांडर, चान्हों, बुढ़मू और ठाकुरगांव थाना के प्रभारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल किए गए।
मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए पीड़िता को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए रांची सदर अस्पताल भेजा। इसके साथ ही विभिन्न थाना क्षेत्रों में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के परिणामस्वरूप मामले में शामिल आठ आरोपितों को आठ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपितों के विरुद्ध शीघ्र आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया जाएगा।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया जाएगा, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके और आरोपितों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में यदि अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र कर मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

