
रांची, 20 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स की रियल एस्टेट-अर्बन डेवलपमेंट और मास्टर प्लान उप समितियों की संयुक्त बैठक सोमवार को चेंबर भवन में हुई।



बैठक में सदस्यों ने राज्य सरकार की ओर से लाये गए भवन नियमितीकरण योजना बिल का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया।
साथ ही इसमें आवश्यक सुधार करने की बात की गई। मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर कहा गया कि वर्तमान बिल के अनुसार जी प्लनस टू और 10 मीटर तक ऊंचाई वाले भवनों को नियमित किया जाएगा।
इस पर चर्चा करते हुए सदस्यों ने मांग की कि इस दायरे को बढ़ाकर 15 मीटर ऊंचाई एवं 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के भवनों को भी शामिल किया जाय ताकि अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त, योजना की अवधि को बढ़ाने और रेगुलराइजेशन प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की भी मांग की गई, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायियों के लिए इसका लाभ लेना आसान हो सके।
शहरी विकास को नई दिशा दे सकती है यह योजना : राम बांगड
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिल का अध्ययन करने के बाद पूरे राज्य के व्यवसायियों को अवगत कराया जाएगा, इसमें स्थानीय जिला चेंबर का भी सहयोग लिया जायेगा, ताकि राज्यभर में अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
वहीं रियल एस्टेट उप समिति के अध्यटक्ष अंचल किंगर और आलोक सरावगी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से लाया गया यह बिल आमजनों के लिए राहत भरा कदम है। यदि इसके दायरे को बढ़ाकर 15 मीटर और 500 वर्ग मीटर तक किया जाता है, तो इससे अधिकतम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया और राम बांगड़ ने कहा कि यह योजना शहरी विकास को नई दिशा दे सकती है। यदि इसकी अवधि बढ़ाई जाती है और दायरा विस्तारित किया जाता है, तो अधिकाधिक नागरिकों को राहत मिलेगी। बैठक में रांची मास्टर प्लान-2037 में संसोधन और बाजारटांड की दुकानों के किराया विवाद के समाधान पर भी चर्चा हुई। उप समिति चेयरमैन विकास मोदी ने कहा कि कतिपय कारणों से पिछले 10 वर्षों से मास्टर प्लान की समीक्षा नहीं हो सकी है, जिससे भू मालिक अपनी भूमि का प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

