
पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू ) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जो देर शाम तक जारी रही। किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार और सहरसा के जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) निदेशक वैभव कुमार के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई। ईओयू को दोनों अधिकारियों के पास बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैली साढ़े तीन दर्जन से अधिक संपत्तियों जमीन, फ्लैट और निवेश के दस्तावेज मिले हैं। ईओयू के अनुसार, किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार के पटना, पूर्णिया और किशनगंज स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की गई। पूर्णिया आवास से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर 25 भूखंडों के दस्तावेज बरामद हुए, जो बेनामी संपत्ति की ओर संकेत करते हैं। पटना स्थित आवास से भी चार जमीन के कागजात मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गौतम कुमार ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में चाय बगान, नोएडा और गुरुग्राम में अचल संपत्ति में निवेश किया है।पूर्णिया के खजांची हाट इलाके में उनका 3600 वर्गफीट में बना चार मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये आंकी गई है। मकान निर्माण से जुड़े एक करोड़ रुपये से अधिक के बिल भी मिले हैं। पटना के सिपारा इलाके में नर्सिंग होम खोलने की तैयारी के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। तलाशी के दौरान उनकी पत्नी रूबी कश्यप के पास से स्वर्ण आभूषण और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं।महिला मित्र के नाम सात भूखंड : इसके अलावा, उनकी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के घर से सात भूखंडों के दस्तावेज और करीब 60 लाख रुपये के सोने के आभूषण मिले हैं, जिनकी रसीदें गौतम कुमार के नाम पर हैं। शगुफ्ता के बैंक खातों में गौतम द्वारा नकद और आॅनलाइन लेनदेन के साक्ष्य भी मिले हैं। उनके सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपये नकद, क्रेटा और थार जैसी महंगी गाड़ियां तथा महंगी घड़ियां भी बरामद हुई हैं। ईओयू सूत्रों के अनुसार, गौतम कुमार पर कोयला, शराब, सुपारी और लॉटरी माफियाओं से सांठगांठ कर अवैध कमाई करने का आरोप है। इस मामले में उनकी पत्नी, सास, महिला मित्र और मित्र के पिता को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है।सहरसा के डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ 2.41 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। उनके मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी में 16 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनमें पटना और मुजफ्फरपुर की कीमती जमीनें शामिल हैं। जांच में सामने आया कि वैभव कुमार ने मुजफ्फरपुर के हरिशंकर मनियारी गांव में ऐश्वर्या मैक्स ग्लो आईटीआई नाम से प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया है।वैभव और पत्नी के नाम बैंक में 20 लाख : उसके भवन निर्माण और वर्कशॉप पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस संस्थान का संचालन एक चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें उनके पिता प्रबंधक हैं। संस्थान के लिए एक बीघा जमीन वार्षिक लीज पर ली गई है, जिसका उपयोग खेल मैदान के रूप में किया जा रहा है। इसके अलावा, वैभव और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 20 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा मिलने के बाद खातों और लॉकर को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ईओयू को उनके पास टाटा नेक्सन समेत दो वाहन, शेयर बाजार और बीमा कंपनियों में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। उल्लेखनीय है कि वैभव कुमार ग्रामीण विकास पदाधिकारी बनने से पहले वर्ष 2008 से 2013 तक भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत रहे हैं।




