
वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच बिन्यामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि शांति वार्ता की अटकलों के बावजूद इजरायल अपने सैन्य अभियान को नहीं रोकेगा। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हमले और तेज किए जाएंगे।नेतन्याहू ने दावा किया कि हालिया इजरायली कार्रवाई में दो और ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और ईरान के मिसाइल व न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई जारी रखेगा।इस दौरान नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ट्रंप का मानना है कि इजरायल की सैन्य सफलता को एक ऐसे समझौते में बदला जा सकता है, जो देश की सुरक्षा सुनिश्चित करे।इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में “सकारात्मक और बड़ी” बातचीत हुई है और वे इस टकराव के “पूरी तरह समाधान” की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की आधिकारिक वार्ता फिलहाल नहीं हो रही है।बढ़ती अटकलों के बीच व्हाइट हाउस ने स्थिति को “अस्थिर” बताया है। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील कूटनीतिक मामला है और इसे सार्वजनिक मंच पर तय नहीं किया जा सकता।वहीं, खबरें यह भी सामने आई हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस मुद्दे पर पाकिस्तान में किसी संभावित गुप्त वार्ता में शामिल हो सकते हैं, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ट्रंप की शांति पहल सफल होगी या नेतन्याहू का कड़ा रुख क्षेत्र को और बड़े संघर्ष की ओर ले जाएगा।




