
रांची: झारखंड कैडर के कुल 155 आईएएस (IAS) अधिकारियों ने अपनी चल और अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण सार्वजनिक कर दिया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए गए इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य के अधिकारियों की संपत्ति केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। कई अफसरों के पास बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारतीय राज्यों में भी कीमती जमीन, मकान और फ्लैट मौजूद हैं।1993 बैच के आईएएस और राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की ओर से दिए गए विवरण के मुताबिक, उनके पास पैतृक और अर्जित संपत्तियों का बड़ा संग्रह है।मुख्य सचिव अविनाश कुमार के पास सीतामढ़ी के सुरसंड में 1.18 एकड़ और 20 एकड़ कृषि भूमि है। जबकि मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर में हाउसिंग जमीन हैं। उनके पास पटना के बोरिंग रोड में फ्लैट, पाटलिपुत्र कॉलोनी और दानापुर में कीमती प्लॉट भी हैं।आईएएस अविनाश कुमार के पास दिल्ली और यूपी में भी प्रॉपर्टी हैं। नई दिल्ली के द्वारका में 1780 वर्ग फीट का 4-BHK फ्लैट (सालाना आय 5.76 लाख रुपये) और लखनऊ के गोमती नगर में 6000 वर्ग फीट जमीन है।बात करें झारखंड में प्रॉपर्टी की तो अविनाश कुमार के पास रांची के अशोक नगर में 1600 वर्ग फीट और धुर्वा में 7820 वर्ग फीट जमीन है। बता दें, अविनाश कुमार 1093 बैच के अधिकारी हैं।झारखंड के IAS अधिकारियों की संपत्तियों पर एक नजरशैलेश कुमार सिंह (1991 बैच): इनके पास देवघर में मकान और रांची के सांगा में 6000 वर्ग फीट जमीन है।निधि खरे (1992 बैच): यूपी के गौतम बुद्ध नगर में ₹1.19 करोड़ की जमीन। रांची के ओल्ड एजी कॉपरेटिव कॉलोनी में 1 करोड़ का घर और 7820 वर्ग फीट का प्लॉट।नितिन मदन कुलकर्णी (1995 बैच): रांची के हरमू और अशोक नगर में दो घर, जिनकी कुल कीमत करोड़ों में है।वंदना दादेल (1996 बैच): रांची के बरियातू में 7500 वर्ग फीट जमीन और खेलगांव में 1600 वर्ग फीट का रो-हाउस।सुनील वर्णवाल (1997 बैच): यूपी के गौतम बुद्ध नगर में 500 वर्ग मीटर जमीन, रांची के सांगा में प्लॉट और खूंटी के लोधमा में 58 डिसमिल जमीन।इन IAS अधिकारियों ने खुद को बताया ‘शून्य’ संपत्ति वालाजहां एक तरफ कई अधिकारियों ने खुद को करोड़पति घोषित किया है, वहीं कुछ आईएएस अधिकारियों ने बताया है कि उनके पास खुद की कोई अचल संपत्ति नहीं है। इन अधिकारियों में 1996 बैच के आईएएस मस्त राम मीणा और ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवास शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों ने घोषित किया है कि उनके पास वर्तमान में अपनी कोई अचल संपत्ति नहीं है।केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बाद सभी आईएएस अधिकारियों के लिए 31 जनवरी 2026 तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य था।




