
रांची। राजधानी में शनिवार रात अपराधियों ने होटल टीटोस फैमली रेस्टोरेंट में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह घटना एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कुटियातु चौक के पास हुई, जहां दो हथियारबंद अपराधी बाइक पर सवार होकर पहुंचे और टीटोस फैमली रेस्टोरेंट परिसर में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में रेस्टोरेंट के एक कर्मचारी मनीष को पेट में गोली लग गई। मनीष को राज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था।



प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो अपराधी बाइक से रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे। दोनों हथियारों से लैस थे। दोनों हेलमेट पहने हुए थे। रेस्टोरेंट में प्रवेश करते ही उन्होंने होटल के अंदर मौजूद छोटु यादव को निशाना बनाते हुए करीब पांच से छह राउंड फायरिंग की। लेकिन छोटू को गोली नहीं लगी। पास में खड़े मनीष को गोली लग गई। होटल के अंदर लोग इधर-उधर दौड़ने लगे तो दोनों अपराधी वहां से भाग निकले।
एयरपोर्ट पुलिस के अनुसार, होटल के मालिक राजकुमार गोप हैं, जो होटल के साथ-साथ जमीन के कारोबार से भी जुड़े हुए हैं। होटल की देखरेख उनके भांजे छोटू यादव करते हैं। एयरपोर्ट पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला रंगदारी से जुड़ा बताया जा रहा है। एयरपोर्ट पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी में 25 दिसंबर को रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। प्रिंस खान ने दुबई से फोन कर यह रकम मांगी थी और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। रंगदारी तब मांगी गई थी जब राजकुमार गोप रेस्टोरेंट में मौजूद थे।
राजकुमार गोप ने इस मामले की शिकायत एयरपोर्ट थाना में दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आया था। कॉल नहीं उठाने पर उसी नंबर से संदेश भेजा गया, जिसमें खुद को दुबई से प्रिंस खान बताते हुए एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी। साथ ही धमकी दी गई थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
शिकायत में यह भी कहा गया था कि कॉल करने वाले ने राजकुमार गोप के अलावा उनके गांव के पुष्कर महतो और पिंटू को भी जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद राजकुमार गोप ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी और सुरक्षा की मांग की थी।
वहीं, पीड़ित ने अपने स्तर पर की गई जांच के आधार पर यह भी आशंका जताई थी कि पिंटू और देवराज साहू ने उनके बारे में कई लोगों को जानकारी दी थी। पुलिस के अनुसार, जिस नंबर से रंगदारी की मांग की गई थी, उसी नंबर से पलामू के एक कारोबारी से भी रंगदारी मांगी जा चुकी थी। उस मामले में पुलिस ने प्रिंस खान गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

