
मुंबई। अमेरिकी आयात शुल्क में अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट देखी गयी और प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट में बंद हुए। बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,068.74 अंक (1.28 प्रतिशत) टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 228.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत लुढ़ककर 25,424.65 अंक पर रहा। अमेरिका में आयात शुल्क को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में गिरावट रही जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला।



मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में अपेक्षाकृत कम गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.55 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। अमेरिका में सोमवार को आईटी कंपनियों पर खासा दबाव रहा था। इससे निफ्टी आईटी सूचकांक 4.74 प्रतिशत टूट गया। रियलटी, रसायन और मीडिया सेक्टरों में भी ज्यादा गिरावट रही। आॅटो और निजी बैंकों के सूचकांक भी लाल निशान में रहे। धातु, एफएमसीजी, फार्मा, सार्वजनिक बैंकों, तेल एवं गैस और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी रही। सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर साढ़े छह फीसदी टूट गया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में छह प्रतिशत और इटरनल में सवा पांच प्रतिशत की गिरावट रही। इंफोसिस, टीसीएस और एलएंडटी के शेयर तीन से चार प्रतिशत नीचे बंद हुए। ट्रेंट और भारती एयरटेल के शेयर तीन फीसदी के करीब गिरे।
एचडीएफसी बैंक, बीईएल और आईसीआईसीआई बैंक में एक से दो प्रतिशत की गिरावट रही। मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे। एनटीपीसी का शेयर 1.94 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। हिंदुस्तान यूनीलिवर, टाटा स्टील और पावर ग्रिड के शेयर भी बढ़त में रहे।

