
रांची। पुलिस ने रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों अंश और अंशिका को बुधवार सुबह रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद किया और दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया। दोनों बिहार के औरंगाबाद जिले के निवासी हैं।
पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक की विशेष मॉनिटरिंग में तथा एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में 48 पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई थी। डीजीपी ने कहा कि यह मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट की ओर संकेत करता है। इसमें कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस की जांच अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।



उन्होंने बताया कि 2 जनवरी को शालीमार बाजार से बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने हर संभव प्रयास शुरू कर दिया था। अंश और अंशिका की तस्वीरों वाले पोस्टर पूरे शहर और सार्वजनिक वाहनों में लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से भी आम जनता से सहयोग की अपील की। बच्चों के पिता और हटिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) सहित तीन मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए, जिनके माध्यम से पल-पल की सूचनाएं एकत्र की गईं।
डीजीपी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और संदिग्ध गतिविधियों का सत्यापन किया गया। इसके अलावा 5,000 से अधिक वाहनों की जांच कर उनकी संभावित संलिप्तता की पड़ताल की गई। विभिन्न राज्यों में ऐसे मामलों से जुड़े आरोपितों का सत्यापन कर इस घटना से उनके संबंधों की भी जांच की गई।
बच्चों की बरामदगी के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड, हाट-बाजार सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर पोस्टरों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। जगरनाथपुर और धुर्वा थाना क्षेत्र के संभावित एवं संदिग्ध इलाकों में ड्रोन के जरिए सघन निगरानी की गई। मामले के खुलासे में डॉग स्क्वॉयड की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक की ओर से पूरे देश में एंड क्राई नोटिस जारी किया गया। साथ ही विभिन्न बाल संगठनों ने भी सूचना प्रसारण में सराहनीय योगदान दिया।
डीजीपी ने इस कठिन और संवेदनशील अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम को बधाई देते हुए कहा कि इसमें शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनकी तत्परता और साहस के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
सचिन और डब्लू ने की मदद : चितरपुर के अहमदनगर के रहने वाले सचिन और डब्लू साहू की नजर अचानक मासूम बच्चों पर पड़ी। दोनों बच्चे एक दंपती के नजर आए। युवकों ने सबसे पहले दोनों बच्चों की फोटो खींच लिया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे पोस्टर और बैनर से नंबर निकाला और बच्चों के परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद जब परिजनों ने कंफर्म कर दिया कि दोनों बच्चे लापता अंश और अंशिका हैं। इसके बाद स्थानीय युवकों ने रजरप्पा पुलिस को फोन कर पूरे मामले को बताया। 10 मिनट के अंदर रजरप्पा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने पहले मासूम अंश और अंशिका को सकुशल बरामद किया। इसके बाद जिस दंपती के पास दोनों मासूम थे पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस अधीक्षक के आवास पर आ गई।

