
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट पोर्टल तथा मोबाइल ऐप का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को अधिक समावेशी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर राज्य की नींव केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से तैयार होती है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार बजट निर्माण में आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित कर रही है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट तैयार करना है, जिसमें समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं और जरूरतों को स्थान मिले। उन्होंने कहा कि अबुआ दिशोम बजट पोर्टल जनता और सरकार के बीच एक सशक्त सेतु बनेगा, जिससे नीतिगत निर्णयों में जमीनी अनुभव और सुझाव शामिल हो सकेंगे। यह प्लेटफार्म विशेषज्ञों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अपने विचार रखने का अवसर प्रदान करेगा।
पोर्टल, मोबाइल ऐप और इंटरनेट मीडिया माध्यमों जैसे वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स के जरिए नागरिक 17 जनवरी तक अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। विशेष रूप से राजस्व संवर्द्धन, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े सुझावों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।
सरकार का मानना है कि ऐसे सुझाव राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल नागरिकों की रचनात्मक सहभागिता को मान्यता देगा, बल्कि दूसरों को भी नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगा।
सुदूर क्षेत्रों से भी सुनिश्चित होगी भागीदारी : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता से सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए ताकि राज्य के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों से भी अधिकतम जन-भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि बजट तभी प्रभावी होगा, जब उसमें हर क्षेत्र और हर वर्ग की आवाज शामिल होगी। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

