
सासाराम। कैमूर पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध रोहितेश्वर धाम और ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से शनिवार को रोपवे का सफल ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों और निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों की मौजूदगी में मशीनरी की कार्यक्षमता, केबिन की क्षमता, गति नियंत्रण प्रणाली, आपातकालीन ब्रेक सिस्टम, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। रोपवे के संचालन से लगभग 45 किलोमीटर का लंबा और कठिन सफर अब कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा।



रोपवे निर्माण से जुड़े लोगों ने बताया कि कुल 12 केबिन में एक साथ 48 लोग सफर का सकेंगे। छह केबिन अप और छह डाउन में संचालित होंगे। सफर की अनुमानित समय लगभग 15 से 20 मिनट का होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती है, तो नए साल की शुरूआत से ही आम लोगों के लिए रोपवे सेवा शुरू कर दी जाएगी।
कैमूर पहाड़ी के पर्यटन स्थानों को पर्यटन हब में विकसित करने की दिशा में रोहतासगढ़ रोपवे परियोजना का सर्वे कार्य वर्ष 2020 में पूरा किया गया था। परियोजना का काम 12 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से राज्य पुल निर्माण निगम पटना की देखरेख में कोलकाता की रोपवे एंड रिसोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सौंपा गया था। 21 फरवरी 2020 से शुरू हुई परियोजना को 15 महीनों में यानी अप्रैल 2021 तक पूरा कर पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने की योजना थी। कई बार समय सीमा बढ़ाई गई। जिससे लोगों की उम्मीदें टूटने लगी थी। लेकिन सफल ट्रायल के बाद उत्साह का माहौल है।

