
पटना। बिहार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए गृह मंत्री सह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि माफिया, भ्रष्टाचारियों से लेकर सार्वजनिक रूप से गाली देने वाले तक, इस सरकार में कोई नहीं बचेगा। उनके अनुसार कानून सबके लिए समान है और राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। चौधरी ने कहा कि यह सरकार जनता के आशीर्वाद से बनी है और जनता ने जिस विजन पर विश्वास किया, उसी का प्रतिबिंब राज्यपाल का अभिभाषण है, इसलिए अभिभाषण को समर्थन मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार का हर कदम सबका साथ, सबका विकास की भावना से प्रेरित है और किसी भी योजना में भेदभाव नहीं किया जा रहा है।



उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार में सुशासन की स्थापना नीतीश कुमार की देन है। उन्होंने राज्य में लगातार बढ़ रहे मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में हुए कार्यों का विशेष उल्लेख किया।
गृह मंत्री ने बताया कि राज्य में 60 लाख परिवारों को पक्का मकान दिया गया और साढ़े आठ करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि बिना जाति पूछे, बिना भेदभाव किए सरकार प्रत्येक जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
राज्यपाल का अभिभाषण दर्शाता है जमीनी हकीकत : छठ पर्व के दौरान 12 हजार से अधिक ट्रेनों के परिचालन, ऊर्जा विभाग द्वारा लागू बिजली बिल माफी योजना, गरीबों को सामाजिक सुरक्षा देने जैसी पहलें गिनाते हुए सम्राट ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण पूरी तरह जमीनी हकीकत और सरकार की प्रतिबद्धता को दशार्ता है। उन्होंने सदन से इसे पास करने का आग्रह किया। वाद-विवाद के दौरान दोनों पक्षों से कई नेताओं ने अपनी राय रखी। विजय सिन्हा, विजय चौधरी, राजद के सर्वजीत, अजय कुमार, संदीप सौरभ, राजू तिवारी समेत अन्य विधायकों ने अभिभाषण पर अपने-अपने तर्क दिए। विपक्ष ने सरकार की कई योजनाओं पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने सरकार की उपलब्धियों को मजबूत तर्कों के साथ रखा।

