
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नमो ऐप से बिहार के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्हें राज्य में पूर्ववर्ती जंगलराज की भयावह स्थिति की याद दिलाई और कहा कि युवाओं को यह बताना जरूरी है कि बिहार किस अंधेरे दौर से निकलकर आज विकास के पथ पर बढ़ा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने बूथों पर जाकर हर परिवार को केंद्र की योजनाओं के लाभों के बारे में जागरूक करें और उपलब्ध वीडियो व आंकड़ों को साझा करें। मोदी ने कहा कि जब हर बूथ मजबूत होगा, तभी सुशासन की सरकार फिर से बनेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बिहार ने जंगलराज और नक्सलवाद के भय से कैसे मुक्ति पाई है और उस व्यवस्था को फिर लौटने नहीं देना है।



प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार के हर घर से एक ही आवाज सुनाई दे रही है—एकजुट एनडीए, एकजुट बिहार, फिर से बनेगी सुशासन की सरकार। यह बिहार की जनता के वोट की ताकत है जिसने राज्य को राजद और कांग्रेस की बुरी नजर से बचाया है और यह फिर से होगा।
उन्होंने कहा कि आज बिहार में बेहतर माहौल बना है और इसका सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिल रहा है। मोदी ने कहा कि जो 18-25 साल के नौजवान हैं, उन्होंने वो दौर नहीं देखा जब शाम 7 बजे के बाद लोग घरों से निकलने से डरते थे, रेल की पटरियां उड़ाई जाती थीं और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल था। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे युवाओं को जंगलराज के उस दौर की वास्तविकता से अवगत कराएं ताकि उन्हें आज के सुशासन की कीमत समझ में आए। मोदी ने महिला मतदाताओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बिहार की बहनें और बेटियां लोकतंत्र की सच्ची शक्ति हैं। उन्होंने 23 अक्टूबर को भाई दूज के अवसर पर हर बूथ पर बहनों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहनों-माताओं को लोकतंत्र के पर्व को मनाने के लिए समूह में मतदान करने जाना चाहिए- गीत गाते हुए, थाली बजाते हुए, लोकतंत्र का उत्सव मनाइए। प्रधानमंत्री ने बिहार की एनडीए सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई महिला रोजगार योजना की भी सराहना की और कहा कि इससे बिहार की एक करोड़ 20 लाख बहनों को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में डबल दिवाली आने वाली है- एक 20 अक्टूबर को, और दूसरी 14 नवंबर को एनडीए की विजय की दिवाली के रूप में। उन्होंने कहा कि यह विजय बिहार की जनता के विश्वास और कार्यकतार्ओं के परिश्रम की दिवाली होगी।

