
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश पुलिसके आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोनभद्र जिले के झारखण्ड सीमा पर स्थित एक गाँव से झारखंड राज्य के मोस्ट वांटेड पांच लाख के इनामी दुर्दांत नक्सली उमेश खरवार उर्फ नगीना उर्फ डाक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। एटीएस उसे अपने साथ लेकर लखनऊ चली गई है।
अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि विगत 14 सितंबर को पलामू में टी एस पी सी के नक्सलियों को सुरक्षा बलों से हुए मुठभेड़ में गिरफ्तार नक्सली उमेश खरवार उर्फ नगीना शामिल था लेकिन वह बच कर फरार हो गया था। नक्सली गतिविधियों में संलिप्तता
उमेश खेरवार उर्फ डाक्टर पर झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में दो दर्जन से अधिक नक्सली हमलों में शामिल होने का आरोप है। वह नक्सली संगठन का एक सक्रिय सदस्य है और कई हाई-प्रोफाइल नक्सली घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई है।



विशेष रूप से, 3 सितंबर 2025 को पलामू के मनातू थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दो जवानों की शहादत की घटना में भी उसका नाम सामने आया है। इस मुठभेड़ को नक्सली जोनल कमांडर नगीना ने मास्टरमाइंड किया था और डॉक्टर उसका करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।
पूछताछ में जुटीं खुफिया एजेंसियां
गिरफ्तारी के बाद ATS ने झारखंड के पलामू जिले के पुलिस अधिकारियों को सूचित किया, और उनसे डाक्टर की गतिविधियों और नक्सली नेटवर्क के बारे में अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सहित अन्य खुफिया एजेंसियां भी डॉक्टर से पूछताछ में जुट गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, उससे नक्सली संगठन के ठिकानों, हथियारों की आपूर्ति, और भविष्य की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार
उमेश खेरवार उर्फ डॉक्टर की गिरफ्तारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां लंबे समय से चुनौती बनी हुई हैं। डॉक्टर जैसे कुख्यात नक्सलियों की गिरफ्तारी से ना केवल नक्सली नेटवर्क कमजोर होगा, बल्कि सुरक्षा बलों को उनके संचालन के तरीकों को समझने में भी मदद मिलेगी।

