
पटना। जनसूराज पार्टी ने आज गरीबों को रोजगार और दलित भूमिहीन परिवारों को ज़मीन देने की मांग को लेकर पटना में जोरदार विधानसभा मार्च निकाला। मार्च की अगुवाई जनसूराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने की। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा था—गरीब परिवारों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता रोजगार के लिए देना। दलित भूमिहीन परिवारों को 3 डिसमिल जमीन का आवंटन करना। भूमि सर्वेक्षण में हो रहे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करना।



मार्च के दौरान जब जनसूराज के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रतिबंधित विधानसभा क्षेत्र की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। हालात काबू में करने के लिए पटना पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद प्रशांत किशोर ने कहा—”हमारा संघर्ष गरीबों और दलितों के हक के लिए है। राज्य सरकार हर बार वादे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। भूमिहीनों को ज़मीन देने की बात वर्षों से हो रही है, लेकिन अब तक केवल सर्वे और फाइलों में सब कुछ अटका हुआ है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो जनसूराज का आंदोलन और व्यापक होगा।
पुलिस की सफाई : पटना पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अनुमति के बिना प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। स्थिति अब नियंत्रण में है।

