
बलरामपुर।उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में चल रहे धर्मांतरण रैकेट के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस बार उसके घरेलू नौकर संचित ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संचित का दावा है कि बाबा ने पहले उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लाखों का लालच दिया गया। जब उसने धर्म बदलने से इनकार किया तो उसे धमकाया गया। संचित का कहना है कि उस पर दबाव की बात यहीं नहीं रुकी। छांगुर बाबा ने उसके खिलाफ षड्यंत्र रचकर उसकी पत्नी को फर्जी केस में फंसवाकर जेल भिजवा दिया।



छह माह तक किया था काम
बलरामपुर के उतरौला कस्बे में वर्षों से धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे छांगुर बाबा की पोल अब उसका पूर्व नौकर खोल रहा है। संचित ने बताया कि वह छह महीने तक बाबा की कोठी में काम करता रहा। इस दौरान बाबा ने उसे सनातन धर्म छोड़ इस्लाम अपनाने के लिए 5 लाख रुपये नकद, एक मकान और मोटरसाइकिल का लालच दिया था। संचित ने आरोप लगाया कि जब उसने बाबा का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया तो उस पर दबाव बढ़ाया गया।
संचित का कहना है कि बाबा के करीबी ठेकेदार वसीद्दीन उर्फ बब्बू को भी उसने शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परेशान होकर संचित ने पुलिस, क्षेत्राधिकारी और एसपी तक से शिकायत की। उसका दावा है कि छांगुर बाबा के प्रभाव और पैसों के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विरोध पर नौकरी छोड़नी पड़ी
धर्मांतरण का विरोध करने पर संचित को नौकरी छोड़नी पड़ी, लेकिन जलालुद्दीन का दबाव यहीं नहीं रुका। संचित का आरोप है कि छांगुर बाबा ने उसके गांव में अपने गुर्गों के जरिए उसकी पत्नी के साथ झगड़ा कराया। इसके बाद उसे झूठे मुकदमे में फंसवाकर जेल भिजवा दिया। उसकी पत्नी को 24 दिन तक जेल में रहना पड़ा।
संचित अब भी इंसाफ की गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस नए खुलासे ने छांगुर बाबा के नेटवर्क और उसके प्रभाव की भयावहता को फिर उजागर किया है। लोगों का कहना है कि अपने नौकर को न छोड़ने वाला दूसरों के साथ क्या करता है, समझा जा सकता है।

