
पटना । बिहार की राजनीति में विवादों से घिरे दानापुर के राजद विधायक रीतलाल यादव एक बार फिर कानूनी शिकंजे में हैं। पटना पुलिस की जांच में विधायक और उनके भाई पिंकू यादव के खिलाफ 100 से ज्यादा अवैध संपत्तियों का खुलासा हुआ है। इन संपत्तियों को PMLA कानून के तहत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है। आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से न केवल राज्य में, बल्कि बिहार के बाहर भी संपत्ति अर्जित की है। इससे पहले भी उनके ठिकानों पर बड़ी छापेमारी हो चुकी है जिसमें नकदी, चेक और दस्तावेज बरामद हुए थे।



ED को भेजा गया प्रस्ताव : पटना पुलिस ने PMLA कानून के तहत रीतलाल यादव और उनके भाई पिंकू यादव की संपत्ति जब्त करने के लिए ईडी को प्रस्ताव भेजा है। पुलिस जांच में 100 से ज्यादा फ्लैट, प्लॉट और अन्य संपत्तियों का पता चला है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पटना के 7 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें रीतलाल यादव भी शामिल हैं।
रंगदारी और क्राइम का लंबा इतिहास : रीतलाल यादव ने 17 अप्रैल 2025 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। उन पर बिल्डर से 50 लाख रुपए रंगदारी मांगने का आरोप है। इससे पहले 11 अप्रैल को STF और बिहार पुलिस ने उनके 11 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की थी। पुलिस ने 500 से ज्यादा जवानों की तैनाती के साथ बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें 10.5 लाख नकद, ब्लैक चेक, 14 डीड और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए थे। दानापुर के कोथवा गांव निवासी रीतलाल यादव का नाम बिहार के कुख्यात नेताओं में शुमार है। रेलवे टेंडर से लेकर हत्या तक के कई गंभीर मामलों में उनका नाम सामने आया है। भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या और बख्तियारपुर में चलती ट्रेन में दो ठेकेदारों की हत्या में भी उनका नाम चर्चित रहा है। छठ घाट पर चुन्नू सिंह की हत्या के बाद भी वे चर्चा में आए थे।

